
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच युद्ध में होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के कंट्रोल पर भी दोनों देश आमने-सामने हैं। ईरान ने शुरू से ही कहा है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर हमेशा से उसका कंट्रोल रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा, वहीँ अमेरिका दावे करता है कि उसकी नेवी होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करती है। अमेरिका ने हाल ही में दावा किया है कि अमेरिकी कंट्रोल की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य शिपिंग आवाजाही बहाल हो गई है। इस दावे पर ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने आज एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिका के दावे को खारिज कर दिया। बघाई ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का पूरा कंट्रोल है और ज़मीनी हकीकत अमेरिकी दावों से मेल नहीं खाती। बघाई ने चेतावनी दी कि जब तक उनके देश अमेरिकी सैन्य आक्रामकता और आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक इस इलाके में सुरक्षा बहाल नहीं हो सकती।
बघाई ने आगे कहा कि अमेरिका कह सकता है कि होर्मुज स्ट्रेट अब असरदार नहीं रहा और ईरान ने अपनी बढ़त खो दी है। लेकिन सच तो यह है कि ईरान भी अपना काम कर रहा है। बघाई ने आगे कहा, "हम समझते हैं कि एक मीडिया अभियान चल रहा है जिसमें अमेरिका कारण की जगह और इसके असर को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। 21 मार्च से पहले होर्मुज स्ट्रेट खुला था और अभी जो रुकावटें आ रही हैं, वो सीधे तौर पर विदेशी दखलअंदाज़ी का नतीजा हैं।"
ईरानी अधिकारियों ने माना कि उनका देश भी होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर बहुत ज़्यादा निर्भर है और अमेरिका से चल रही जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे संकट से ईरान को कोई फायदा नहीं, बल्कि नुकसान हो रहा है। इसके लिए ईरान ने पूरी तरह से अमेरिकी सैन्य दखलअंदाज़ी को ज़िम्मेदार ठहराया। बघाई ने एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर चिंतित अंतर्राष्ट्रीय सरकारों से कहा कि वो ईरान की आलोचना करने के बजाय अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए अपना कूटनीतिक दबाव डालें।