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ईरान के सैन्य अधिकारी ने कही बड़ी बात, ‘अल्लाह ने चाहा तो अंतिम युद्ध में हम बनेंगे दुनिया की सुपरपावर’

Iran-US War: ईरान और अमेरिका के बीच फिर से युद्ध शुरू होने की संभावना के बीच आईआरजीसी के एक अधिकारी ने बड़ी बात कह दी है। क्या कहा ईरान के इस सैन्य अधिकारी ने? आइए नज़र डालते हैं।
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Updated: 24 Oct 2026, 9:06 PM IST
Hossein Mohabi
हुसैन मोहाबी (Photo - @clashreport)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद फिर युद्ध शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपनी सेना को तैयारी रखने के आदेश दिए हैं और मीडिया रिपोर्ट्स की माने, तो वह मिडटर्म चुनाव के बाद फिर से ईरान पर हमले शुरू कर सकते हैं। ईरानी सेना भी अमेरिकी हमलों का जवाब देने की तैयारी कर रही है। इसी बीच अब ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने एक बड़ी बात कह दी है।

"अल्लाह ने चाहा तो…"

आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) के प्रवक्ता हुसैन मोहाबी (Hossein Mohabi) ने हुसैन मोहाबी ने कज़विन में एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान मौजूदा जंग में पूर्ण जीत हासिल करेगा। मोहाबी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, "अल्लाह ने चाहा, तो हम अंतिम युद्ध में दुनिया की सुपरपावर बनेंगे।" ऐसा कहते हुए मोहाबी ने अमेरिका के खिलाफ ईरान की जीत का भरोसा जताया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका से फिर से युद्ध शुरू होने के खतरे के बीच ईरानी सेना हाई अलर्ट पर है और हर मोर्चे पर अपनी तैयारियों को मज़बूत कर रही है, जिससे अगर अमेरिकी सेना ने फिर से हमले शुरू किए, तो उनका करारा जवाब दिया जा सके।

ईरानी जनता को एकजुट रहने के लिए कहा

कज़विन में कॉन्फ्रेंस के दौरान मोहाबी ने ईरानी जनता से एकजुट रहने, मौजूदा हालात को समझने और देश का भविष्य संवारने के लिए अपनी घरेलू क्षमताओं पर भरोसा रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका हो या इज़रायल, इन देशों के साथ चल रहा टकराव ईरान के लिए सिर्फ सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि इससे ज़्यादा है। उन्होंने इसे ईरान की राष्ट्रीय पहचान, इस्लामिक मूल्यों, संस्कृति और सभ्यता के लिए एक संघर्ष बताया।

ईरान के दुश्मनों पर लगाया आरोप

मोहाबी ने ईरान के दुश्मनों पर आरोप लगाया कि वो उनके देश की इस्लामिक पहचान को कमज़ोर करने और धर्म के साथ जनता के जुड़ाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। मोहाबी के बयान से साफ है कि ईरान इस जंग को अस्तित्व की लड़ाई के तौर पर देख रहा है।