
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच गाज़ा (Gaza) में युद्ध जारी है। हमास को खत्म करने के लिए इज़रायली सेना गाज़ा और आसपास के फिलिस्तीनी इलाकों पर लगातार हमले कर रही है। अब इज़रायली सेना को हमास के खिलाफ एक और कामयाबी मिली है।
इज़रायली सेना ने हमास के 3 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें एक हमास सेल कमांडर और दो अन्य हमास की मिलिट्री विंग के आतंकी थे। हाल ही में इन आतंकियों ने इज़रायली नागरिकों और इज़रायली सैनिकों के खिलाफ आतंकी हमलों को अंजाम दिया। इसके साथ ही युद्धविराम का व्यवस्थित रूप से उल्लंघन करते हुए उन्होंने हमास की सैन्य क्षमताओं को फिर से बहाल करने का काम किया। इन आतंकियों से इज़रायली नागरिकों और इज़रायली सैनिकों पैदा होने वाले खतरे को खत्म करने के लिए उन्हें मार गिराया गया।
इज़रायली सेना द्वारा मारे गए तीनों हमास आतंकियों की पहचान हो गई है। आतंकियों के नाम अब्दुल्ला मोहम्मद खमीस जाबेर, माजेद अहमद मुस्तफा सब्बाग और आमिर बशीर मोहम्मद खौरानी हैं। जाबेर ने हमास के उत्पादन मुख्यालय में अहम भूमिका निभाई थी। उसने आतंकी संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिशों में भी हिस्सा लिया था। सब्बाग ने इज़रायली सैनिकों और इज़रायली नागरिकों के खिलाफ आतंकी हमलों को आगे बढ़ाने का काम किया था। उसने भी आतंकी संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिशों में हिस्सा लिया था। खौरानी ने इज़रायली सैनिकों और इज़रायली नागरिकों के खिलाफ आतंकी हमले तेज़ करने का काम किया था और इसके साथ ही हमास को फिर से खड़ा करने के काम में भी वह शामिल था।
7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए घातक हमले के बाद इजरायली सेना ने गाज़ा में सैन्य अभियान शुरू किया। इसका प्रमुख लक्ष्य हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण है। इज़रायल का मानना है कि हमास की सैन्य क्षमता को खत्म किए बिना उनके देश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। हमास के पास कई रॉकेट्स, भूमिगत सुरंगें (टनल नेटवर्क), हथियार भंडार और प्रशिक्षित आतंकी हैं, जिन्हें इज़रायल पूरी तरह खत्म करना चाहता है। अभी तक की सैन्य कार्रवाई में इज़रायल ने हमास की सैन्य क्षमता को काफी हद तक खत्म कर दिया है, लेकिन इसका पूरी तरह अंत नहीं हुआ है। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) साफ कर चुके हैं कि गाज़ा से उनकी सेना तब तक नहीं हटेगी जब तक हमास सरेंडर न कर दें या उसका पूरी तरह से खात्मा हो जाए, जिससे इज़रायल पर भविष्य में किसी भी तरह का खतरा न रहे।