
गाज़ा (Gaza) में फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के खिलाफ इज़रायल (Israel) की सैन्य कार्रवाई जारी है। हमास को पूरी तरह से खत्म करने के लिए इज़रायली सेना लगातार आतंकियों को निशाना बना रही है। पिछले कुछ दिनों में इज़रायली सेना की एयरस्ट्राइक्स में हमास के कई आतंकी मारे गए हैं। अब इज़रायली सेना को एक और हमास कमांडर को मार गिराने में कामयाबी मिली है।
गाज़ा पर इज़रायली सेना की एयरस्ट्राइक में हमास का सीनियर कमांडर इज़्ज़ अल-दीन अल-बिक (Izz al-Din al-Bik) मारा गया। अल-बिक आतंकी संगठन की नॉर्थर्न गाज़ा ब्रिगेड का चीफ था और इस क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने और इज़रायली सैनिकों पर हमले करने में उसकी अहम भूमिका थी।
अल-बिक के मारे जाने के बाद इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) और इज़रायली रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ (Israel Katz) ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इस संयुक्त बयान में बताया गया कि हमास का सीनियर कमांडर और नॉर्थर्न गाज़ा ब्रिगेड चीफ नए आतंकियों की भर्ती में अहम भूमिका निभाता था। इसके अलावा इज़रायली सेना पर हमलों की साजिशों में भी वह शामिल था। इस संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि हमास आतंकियों के खात्मे के लिए इज़रायल की सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
अमेरिका (United States of America) की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच सीज़फायर होने के बाद कुछ समय तक इज़रायल ने गाज़ा में अपनी सैन्य कार्रवाई पर रोक लगाईं, लेकिन बाद में इसे फिर शुरू कर दिया। कई देश इस युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने की अपील कर चुके हैं, लेकिन इज़रायल की सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं। हमास ने इज़रायल पर 7 अक्टूबर 2023 को घातक आतंकी हमला किया था, जिसके बाद इज़रायल ने हमास के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। हमास का खात्मा ही इज़रायल का लक्ष्य है, लेकिन अगर हमास निरस्त्रीकरण या सरेंडर करने के लिए तैयार हो जाए, तो इज़रायली सेना अपनी सैन्य कार्रवाई रोक सकती है, जिससे गाज़ा में युद्ध की समाप्ति हो जाएगी।
नेतन्याहू साफ कर चुके हैं कि गाज़ा से उनकी सेना तब तक नहीं हटेगी जब तक हमास अपने हथियार नहीं डाल दे और गाज़ा के शासन से पूरी तरह हट नहीं जाए। हमास का पक्ष शुरू में साफ था की वो कभी सरेंडर नहीं करेगा, लेकिन पिछले कुछ महीनों में उसके रुख में नरमी आई है। हालांकि हमास सरेंडर करेगा या नहीं, फिलहाल इस बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता, लेकिन युद्ध को खत्म करने के लिए हमास का यह कदम बेहद ज़रूरी है।