
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच गाज़ा (Gaza) में चल रहे युद्ध के दौरान आज इज़रायली सेना के दो सैनिक मारे गए! इज़रायली सेना की यरूशलेम ब्रिगेड की 7007वीं बटालियन के सदस्य 24 वर्षीय मास्टर सार्जेंट (रिज़र्व) नादाव काली (Nadav Kali) और 23 वर्षीय मास्टर सार्जेंट (रिज़र्व) ओफेक मोआलेम (Ofek Moalem) की मौत एक हथियारबंद FPV ड्रोन के धमाके की वजह से हुई, जो इज़रायली सेना का ही था, लेकिन उड़ान भरते समय अचानक ही सेना की एक चौकी के अंदर क्रैश हो गया और फट गया! इस हादसे के बाद इज़रायली सेना ने एक बड़ा फैसला लिया है!
दोनों इज़रायली सैनिकों की मौत के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है! फिलहाल हादसे की वजह पता नहीं चली है, लेकिन क्रैश और धमाके की वजह की जांच के बीच इज़रायली सेना ने विस्फोटक पेलोड ले जाने में सक्षम सभी छोटे ड्रोन्स, जिनमें सुसाइड ड्रोन और टारगेट पर विस्फोटक गिराने वाले ड्रोन दोनों शामिल हैं, पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। अगले कुछ दिनों में इसका नया आकलन किया जाएगा।
FPV का मतलब फर्स्ट पर्सन व्यू है। यह ऐसा ड्रोन है जिसे उड़ाने वाला खास गॉगल्स पहनकर ड्रोन के कैमरे से लाइव वीडियो देखता है, जैसे वह खुद इसमें बैठकर इसे उड़ रहा हो। ये ड्रोन्स तेज़ और मैनुअल कंट्रोल वाले होते हैं। इनकी लागत भी ज़्यादा नहीं होती।
FPV ड्रोन काफी उपयोगी होते हैं क्योंकि ये सस्ते, सटीक और मुश्किल जगहों (खिड़कियों, सुरंगों, इमारतों) में भी घुस सकते हैं। निगरानी, टारगेटिंग और कामिकाज़े हमलों के लिए ये ड्रोन्स अच्छा ऑप्शन है। युद्ध में इन ड्रोन्स की मदद से काफी फायदा हो सकता है। सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। गाज़ा में हमास के खिलाफ युद्ध में इज़रायली सेना इन ड्रोन्स का व्यापक इस्तेमाल कर रही है। ये ड्रोन्स सुरंगों और इमारतों में घुसकर निगरानी कर सकते हैं, जिससे सैनिकों को खतरा कम हो। टारगेट पर सीधे वार करने, विस्फोटक या ग्रेनेड गिराने और 3D मैपिंग में भी ये ड्रोन्स बेहद उपयोगी हैं। इस वजह से युद्ध में इनके इस्तेमाल से इज़रायली सेना को काफी फायदा हो रहा है।