
हूती विद्रोहियों (Houthis) और यमन (Yemen) की सरकारी सेना के बीच जंग काफी गंभीर रूप ले चुकी है। सऊदी अरब (Saudi Arabia) की सेना भी हूतियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिसके जवाब में हूती विद्रोही भी सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं। हूतियों ने पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब की राजधानी रियाद (Riyadh) में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Khalid International Airport) पर कई हमले किए हैं। अब इस मामले में सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन की सेना के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी (Turki al-Maliki) ने एक बड़ा बयान दिया है।
अल-मलिकी ने जानकारी दी कि 1 अक्टूबर से हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ कार्रवाई के तहत रियाद में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 20 हमले किए। इन हमलों के लिए हूतियों ने न सिर्फ ड्रोन्स, बल्कि बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया।
अल-मलिकी ने बताया कि 7-11 अक्टूबर के दौरान किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के हमलों में 17 लोग मारे गए। वहीँ इस दौरान 333 लोग घायल हुए। कई घायल अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं जहाँ उनका इलाज चल रहा है। 10 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूतियों ने काफी घातक हमला किया था, जिसमें 10 ड्रोन्स, कई बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य प्रोजेक्टाइल्स का इस्तेमाल किया गया था।
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सऊदी अरब के सबसे अहम एयरपोर्ट्स में हैं। देश की राजधानी में स्थित यह एयरपोर्ट हूतियों के हमलों में मुख्य निशाना रहा। हूती विद्रोहियों का कहना है कि वो सऊदी अरब की कार्रवाई के जवाब में ये हमले कर रहे हैं। सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और अरामको (Aramco) तेल ठिकानों के साथ ही इस एयरपोर्ट की भी काफी अहमियत है। ऐसे में हूतियों के हमलों की वजह से समय-समय पर एयरपोर्ट का संचालन नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है और कई उड़ानें रद्द होती हैं। इससे सऊदी अरब को आर्थिक नुकसान भी होता है। हूतियों के हमलों से एयरलाइन्स को भी नुकसान होता है और लोगों के मन में डर पैदा होता है।