
Mirwais Khan: अफगानिस्तान के पंजशीर से आई एक खबर ने एक बार फिर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और तालिबान विरोधी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। सोशल मीडिया पर किए गए एक दावे के अनुसार, मिरवाइस खान की मौत सुरक्षा बलों की लक्षित कार्रवाई में हुई। उसे पंजशीर में सक्रिय एक विद्रोही समूह का अहम कमांडर बताया गया है। हालांकि, इस घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने तक खबर को दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत में मिरवाइस खान की मौत की खबर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। यह जानकारी X पर रोहुल्लाह परवानी (@rohullahparwan1) नामक अकाउंट से साझा की गई पोस्ट में दी गई है। पोस्ट के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने रविवार तड़के करीब तीन बजे पंजशीर की परयान (परीयान) जिले में लक्षित अभियान चलाया, जिसमें मिरवाइस खान मारा गया। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए स्वतंत्र समाचार स्रोतों या आधिकारिक बयान की आवश्यकता है।
पोस्ट में मिरवाइस खान को उस समूह का सलाहकार और पंजशीर में उसके महत्वपूर्ण कमांडरों में से एक बताया गया है, जो तालिबान के विरोध में सक्रिय है। दावा यह भी है कि वह सालेह मोहम्मद रेगिस्तानी का भांजा था। रेगिस्तानी का नाम अफगानिस्तान के तालिबान-विरोधी राजनीतिक और सैन्य प्रतिरोध से जुड़े लोगों में लिया जाता रहा है।
रोहुल्लाह परवानी की पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मिरवाइस खान कुछ समय पहले जारी वीडियो और तस्वीरों में दिखाई दिया था। हालांकि, उन दृश्य सामग्रियों की तारीख, स्थान और प्रामाणिकता के बारे में स्वतंत्र जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में इन विवरणों को फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों के रूप में ही समझना उचित होगा।
पंजशीर अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्व में स्थित एक पहाड़ी प्रांत है। इसका भौगोलिक स्वरूप और ऐतिहासिक राजनीतिक पृष्ठभूमि इसे देश के संघर्षों में विशेष महत्व देते हैं। सोवियत हस्तक्षेप के दौर से लेकर तालिबान के पहले शासन और 2021 में उसकी सत्ता में वापसी तक, यह क्षेत्र प्रतिरोध की राजनीति से जुड़ा रहा है।
तालिबान के अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के बाद नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (एनआरएफ) सहित विभिन्न विरोधी समूहों ने उसके खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही। इन समूहों की गतिविधियों और सरकारी सुरक्षा अभियानों से जुड़ी खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। हालांकि, किसी एक कमांडर की मौत से व्यापक सैन्य स्थिति में कितना बदलाव आएगा, यह उसके संगठनात्मक प्रभाव और उत्तराधिकारी नेतृत्व पर निर्भर करेगा।
समाचार स्रोत: रोहुल्लाह परवानी (@rohullahparwan1), एक्स (X) पर साझा पोस्ट।