
हूती विद्रोहियों (Houthis) और यमन (Yemen) की सरकारी सेना के बीच जंग बढ़ती ही जा रही है है। सऊदी अरब (Saudi Arabia) की सेना भी हूतियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिसके जवाब में हूती विद्रोही भी सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं। हूतियों ने पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब को कई बार दहलाया है, जिसके जवाब में सऊदी अरब ने भी कार्रवाई की है। हालांकि हूतियों के हमलों की वजह से सऊदी अरब में जान-माल का नुकसान भी हुआ है। आज एक बार फिर हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइलें और ड्रोन्स दागे, लेकिन उनका यह हमला नाकाम कर दिया गया।
सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन की सेना के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी (Turki al-Maliki) ने जानकारी दी है कि उनकी सेना ने यानबू की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया है। अल-मलिकी ने यह भी बताया कि सेना ने लाल सागर के ऊपर दो क्रूज़ मिसाइलों को और सऊदी अरब की राजधानी रियाद तथा दक्षिणी क्षेत्रों में तीन ड्रोन्स को भी हवा में ही मारकर तबाह कर दिया।
इसी बीच यमनी सेना को भी हूतियों के खिलाफ कामयाबी मिली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यमनी सरकारी सेना मारिब प्रांत के उत्तर में स्थित अल-मजज़र जिले में आगे बढ़ गई हैं। सरकारी सेन आज, शुक्रवार, 16 अक्टूबर को हूती विद्रोहियों को पीछे धकेलने के बाद इस जिले में दाखिल हुई और आगे बढ़ी।
अल-मलिकी ने गुरुवार को कहा, "हूतियों को नागरिकों और नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ अपनी सभी आतंकी गतिविधियों को रोकते हुए तुरंत हमले बंद कर देने चाहिए। हमने उन बिजलीघरों, ऊर्जा डिपो और समुद्री घाटों को निशाना बनाया, जो हूती विद्रोहियों के जंग के मकसद में मदद करते हैं। हूती पहला ऐसा आतंकी संगठन बन गया है, जिसके पास बैलिस्टिक मिसाइलें, हमलावर ड्रोन्स और विस्फोटकों से लदी स्पीडबोट हैं। भले ही हूती विद्रोहियों के पास एडवांस टेक्नोलॉजी और घातक हथियार हैं, लेकिन फिर भी सऊदी अरब और सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के पास हूतियों के खतरों से निपटने की पूरी क्षमता है।"