
कतर की नई चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ गया है। कतर ने ईरान से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में हमले बंद करने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील की है। साथ ही कतर ने ईरान से समुद्री रास्ते को तुरंत खोलने की भी बात कही है।
कतर ने ईरान को सुझाव देते हुए यह भी कहा कि इस संकट का हल सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि बातचीत की मेज पर ही निकल सकता है। कतर के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विवाद का शांतिपूर्ण समाधान जल्द से जल्द निकाला जाना चाहिए। मंत्रालय के मीडिया निदेशक ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को जिम्मेदारी से काम करना होगा।
कतर ने ईरान से यह भी कहा है कि हॉर्मुज में हमले जारी रखने से पूरे क्षेत्र और वहां रहने वाले लोगों को नुकसान पहुंच सकता है। कतर के मुताबिक, इस अहम समुद्री रास्ते पर हमलों और तनाव का असर केवल ईरान या अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरे देशों की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
कतर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्र में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए। ईरान को इन नियमों का पालन करते हुए हॉर्मुज को खोलना चाहिए, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके।
इसके अलावा, कतर के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में इंटरनेट बंद किए जाने के संभावित असर को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर इंटरनेट सेवाएं बंद होती हैं, तो इसका नुकसान केवल किसी एक देश को नहीं होगा। ईरान समेत क्षेत्र के सभी देश इससे प्रभावित हो सकते हैं।
इंटरनेट आज कारोबार, संचार, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में इंटरनेट बंद होने से आम लोगों के साथ-साथ कंपनियों और जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। कतर ने कहा कि मिडिल ईस्ट के देशों को ऐसे कदमों के बड़े नतीजों को समझना चाहिए।