
Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने रूस के दूसरे सबसे बड़े शहर और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गृह नगर सेंट पीटर्सबर्ग और उसके आस-पास के लेनिनग्राद क्षेत्र पर ड्रोन से हमला किया। स्थानीय सोशल मीडिया चैनलों और ओपन-सोर्स मॉनिटरिंग समूहों की रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों के मुख्य लक्ष्यों में सेंट पीटर्सबर्ग ऑयल टर्मिनल, बंदरगाह का बुनियादी ढांचा और एक डेटा सेंटर शामिल थे। इन हमलों के बाद शहर के कई हिस्सों में जोरदार धमाके सुनाई दिए और अलग-अलग जगहों पर आग की ऊंची लपटें उठती देखी गईं।
सेंट पीटर्सबर्ग में ड्रोन हमले स्थानीय समयानुसार रात लगभग 2:50 बजे शुरू हुए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो फुटेज में यूक्रेनी ड्रोनों को शहर के आसमान में उड़ते और रूसी एयर डिफेंस सिस्टम को उन्हें रोकने के लिए मिसाइलें दागते देखा गया।
सुरक्षा कारणों से स्थानीय प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में ड्रोन अलर्ट सायरन बजा दिए और सेंट पीटर्सबर्ग के मुख्य केंद्र पुलकोवो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने ड्रोन अपने लक्ष्यों तक पहुंचे या शहर के बुनियादी ढांचे को कितना नुकसान पहुंचा है।
इस हमले का मुख्य निशाना सेंट पीटर्सबर्ग बंदरगाह पर स्थित एक ऑयल टर्मिनल था। जो बाल्टिक सागर क्षेत्र में रूस का सबसे बड़ा लिक्विड-प्रोडक्ट स्टोरेज और निर्यात का केंद्र है। इस सुविधा केंद्र की सालाना क्षमता लगभग 12.5 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पादों को संभालने और निर्यात करने की है, जिन्हें नदी, रेल और सड़क नेटवर्क के जरिए यहां तक पहुंचाया जाता है। इस केंद्र पर कोई भी बड़ा हमला ईंधन के भंडारण, निर्यात और क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स को बाधित कर सकता है।
लेनिनग्राद ओब्लास्ट के गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोजडेनको ने दावा किया कि रूस के एयर डिफेंस सिस्टम ने इस क्षेत्र में यूक्रेन के 57 ड्रोन मार गिराए। उन्होंने बताया कि एक ड्रोन का मलबा खड़ी हुई चार कारों पर गिरा, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा। घटनास्थल पर आग लगने की खबरें भी सामने आई हैं।
यह बड़ा हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस बयान के ठीक दो दिन बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि रूस की ऊर्जा और रिफाइनरी सुविधाओं पर दुबारा हमले तेज करने की बात कही थी। जेलेंस्की ने कहा था कि रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले न करने की नीति अब खत्म हो चुकी है।