
यमन (Yemen) में स्थिति गंभीर होती जा रही है। हूती विद्रोहियों (Houthis) और यमन की सरकारी सेना के बीच जंग बढ़ती ही जा रही है। हूतियों और सऊदी अरब (Saudi Arabia) भी लगातार एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। इस बढ़ते संघर्ष के कारण जान-माल का भी नुकसान हो रहा है। इसी बीच अब रूस (Russia) की तरफ से हूतियों से एक अपील की गई है।
रूस के विदेश मंत्रालय की तरफ से हूतियों से अपील की गई है कि नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले नहीं होने चाहिए। रूस के अनुसार इससे नागरिकों को परेशानी होती है और ऐसे में इन ठिकानों को निशाना बनाने से बचना चाहिए।
रूस और ईरान, दोनों ही देश अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। इस वजह से दोनों देशों के संबंध भी मज़बूत हुए हैं। रूस और ईरान ने पिछले साल व्यापार, सैन्य सहयोग, विज्ञान, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करके अपने संबंधों को और मजबूत किया था। कुछ दिन पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) की भी मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा, कृषि, परिवहन और व्यापार के क्षेत्रों में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करने पर चर्चा हुई और साथ ही संयुक्त परियोजनाओं में तेज़ी लाने पर भी सहमति बनी।
हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के एयरपोर्ट्स, तेल के ठिकानों और सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। इसके अलावा यमन की सरकार के नियंत्रण वाले इलाके पर भी हमले किए जा रहे हैं और साथ ही यमन की सरकारी सेना के ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। वहीँ दूसरी तरह सऊदी अरब की सेना और यमन की सेना भी हूतियों के ठिकानों और उनके कंट्रोल वाले इलाकों पर हमले कर रही हैं, जिससे हूतियों की ताकत को कमजोर किया जा सके और जिन इलाकों पर अभी हूतियों की पकड़ मज़बूत है, उन्हें उनके कब्ज़े से आज़ाद कराया जा सके। यमन की राजधानी सना, जिस पर हूतियों का कब्ज़ा है, को आज़ाद कराना भी यमनी सेना का सैन्य लक्ष्य है।