
रोमानिया (Romania) के पास काला सागर (Black Sea) में एक जहाज में आज, गुरुवार, 15 अक्टूबर की सुबह धमाका हो गया और उसके बाद उसमें आग लग गई। जानकारी के अनुसार यह सैन मैरिनो (San Marino) के झंडे वाला जहाज था और सुलिना से करीब 13 नॉटिकल मील (करीब 24 किलोमीटर) दक्षिण-पूर्व में हादसे का शिकार हुआ। काला सागर में इससे पहले भी कई जहाज ड्रोन हमलों का बन चुके हैं। पिछले कुछ समय में काला सागर के पश्चिमी तट के पास इस तरह के मामलों में इजाफा हुआ है।
जहाज पर कुल 12 नाविक सवार थे। इनमें से 4 को बचा लिया गया है, जबकि 8 अन्य अभी भी लापता हैं। लापता नाविकों की तलाश के लिए रोमानिया ने सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है।
जहाज में धमाका और आग लगने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। ड्रोन हमले के बारे में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पास के जहाजों पर मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि जहाज पर दो ड्रोन्स से हमला हुआ था। बताया जा रहा है कि इलाके में ड्रोन्स देखे गए थे। इस हादसे के पीछे रूस (Russia) का हाथ था या नहीं, फिलहाल इस बारे में भी कुछ नहीं कहा जा सकता। रूस ने पहले भी काला सागर में जहाजों को निशाना बनाया है। देर रात को इस इलाके में जो ड्रोन्स देखे गए थे, वो रूस के ही थे। हालांकि रूस की तरफ से इस मामले में अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच शुरू हो गई है।
यूरोपीय परिषद शिखर सम्मेलन में पहुंचे बुल्गारिया (Bulgaria) के प्रधानमंत्री रूमेन रादेव (Rumen Radev) ने कहा है कि उनका देश, काला सागर में नागरिक जहाजों पर होने वाले ड्रोन हमलों को रोकने का प्रस्ताव रखने के लिए रोमानिया के साथ मिलकर काम करेगा। पिछले कुछ समय में काला सागर में कई नागरिक जहाज इस तरह की घटनाओं का शिकार बने हैं, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है। इनमें से ज़्यादातर जहाज रूस की सेना के हमलों का शिकार बने।