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US Iran Deal: डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान करना चाहता है अमेरिका से समझौता, लेकिन नहीं जानता कैसे बढ़े बात

US Iran Relations: वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक रास्ते को लेकर ट्रंप के बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है। तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के उनके अनुमान ने भी आर्थिक जगत का ध्यान खींचा है।
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Oct 13, 2026
Donald Trump Iran Deal
Donald Trump Iran Deal : अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ट्रंप का दावा, समझौते के लिए तैयार है तेहरान (फोटो सोर्स: @aljazeera.com)

Iran US Talks: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तेहरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका दावा है कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन उसे यह समझ नहीं आ रहा कि बातचीत को आगे कैसे बढ़ाया जाए। ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताकत, आर्थिक बदहाली और परमाणु कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए साफ किया कि वाशिंगटन उसे परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।

समझौते की इच्छा, लेकिन बातचीत का रास्ता कहां?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओहायो के यंग्सटाउन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन उसे यह नहीं पता कि इसके लिए पहल किस तरह की जाए। उनके मुताबिक, तेहरान की ओर से समझौते की इच्छा होने के बावजूद बातचीत को आगे बढ़ाने का तरीका स्पष्ट नहीं है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया, जब अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। रैली में उन्होंने ईरान के प्रति अपने प्रशासन का सख्त रुख दोहराया और कहा कि अमेरिका उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

ईरान की सैन्य ताकत और अर्थव्यवस्था पर निशाना

ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उसकी नौसेना और वायुसेना की स्थिति बेहद कमजोर है। उन्होंने हवाई हमलों से बचाव करने वाली रक्षा प्रणालियों को लेकर भी ईरान की आलोचना की। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए महंगाई और वित्तीय संसाधनों की कमी को रेखांकित किया। ट्रंप ने ईरान को आतंकवाद का समर्थन करने वाला प्रमुख देश भी बताया।

तेल की कीमतों पर भी ट्रंप की बड़ी भविष्यवाणी

अपने संबोधन में ट्रंप ने ऊर्जा बाजार को लेकर भी अनुमान जताया। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में तेज गिरावट आने वाली है। हालांकि, उन्होंने इस संभावित गिरावट की समयसीमा या इसके पीछे के आर्थिक कारणों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।

वैश्विक तेल बाजार पर अमेरिका-ईरान संबंधों का असर महत्वपूर्ण हो सकता है। ईरान प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है और फारस की खाड़ी के निकट स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति के लिए अहम समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से आपूर्ति बाधित होने की आशंका पैदा हो सकती है, जबकि तनाव कम होने की उम्मीद बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकती है।

अब आगे क्या होगा?

ट्रंप के बयान से यह स्पष्ट है कि परमाणु हथियारों के मुद्दे पर अमेरिका अपने घोषित रुख में बदलाव का संकेत नहीं दे रहा है। लेकिन ईरान वास्तव में किस शर्त पर बातचीत के लिए तैयार है और दोनों देशों के बीच किसी समझौते की दिशा में ठोस पहल होगी या नहीं, इन सवालों का जवाब अभी सामने नहीं आया है।

Updated on:
13 Oct 2026 08:28 am
Published on:
13 Oct 2026 08:03 am