
रूस के रियाजान इलाके में एक तेल रिफाइनरी को यूक्रेनी ड्रोन ने निशाना बनाया है। इस हमले के बाद मास्को में क्रेमलिन (राष्ट्रपति ऑफिस) ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने गुरुवार को साफ कहा कि यूक्रेन के ये हमले अमेरिका के शांति प्रयासों के खिलाफ जा रहे हैं।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम का ऐलान किया था। लेकिन यूक्रेन को इसकी खबर मीडिया से ही मिली। रूस ने भी इस पर कोई खुला वादा नहीं किया। अब यह ताजा हमला देखने को मिला है, जिसके बाद तनाव और बढ़ने की उम्मीद है।
खबर है कि यूक्रेन ने तीन दिन के लिए रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोक दिए थे। लेकिन रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रखे तो यूक्रेन ने फिर से हमले शुरू कर दिए।
पेस्कोव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कीव शासन ने कभी भी युद्धविराम का पालन नहीं किया। उनका कहना था कि यूक्रेन का एक और रिफाइनरी पर हमला कोई नई बात नहीं है।
पेस्कोव ने जोर देकर कहा कि यूक्रेनी शासन और राष्ट्रपति वोलोडीमिर जेलेंस्की खुद शांति नहीं चाहते। अमेरिका के वार्ताकार शांति प्रक्रिया शुरू करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कीव की नाकामी इन प्रयासों को रोक रही है।
उधर, रूस इस हमले के बाद और भड़क गया है। पहले ही वह कह चुका है कि युद्धविराम की सीमाएं तय नहीं हुईं। यूक्रेन की एक गलती इस युद्ध को और बढ़ा सकती है।
रूस ने भी बुधवार को यूक्रेन के सात ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया था। दोनों तरफ ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यह हमला सिर्फ एक रिफाइनरी तक सीमित नहीं। इससे पूरे क्षेत्र में तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्रेमलिन का आरोप है कि कीव जानबूझकर अड़ंगा लगा रहा है। इस पर यूक्रेन का पक्ष अलग है। कीव का कहना है कि रूस पहले हमले रोकता तो वे भी रुक जाते। तीन दिन का विराम उन्होंने खुद रखा था लेकिन रूस की कार्रवाई के बाद मजबूर होकर जवाब देना पड़ा।