
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच युद्ध में भले ही हमले रुके हुए हैं, लेकिन अभी भी स्थायी तौर पर यह युद्ध खत्म नहीं हुआ है। मध्यस्थ इस युद्ध को खत्म करवाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच किसी डील पर सहमति नहीं बन पा रही है। इसी बीच अब ईरानी संसद के डिप्टी स्पीकर ने एक बड़ा दावा कर दिया है।
ईरानी संसद के डिप्टी स्पीकर हामिद-रेज़ा हाजी बाबाई (Hamid-Reza Haji Babaee) ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका अकेला पड़ गया है। बाबाई ने आगे कहा कि ईरान के खिलाफ इस जंग में अमेरिका अपने सहयोगियों को एकजुट करने में नाकाम रहा है और अपने लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश में वो अकेला खड़ा है।
बाबाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हाल ही में ईरान को दी गई धमकियों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि ट्रंप की ये धमकियाँ अमेरिकी हताशा का सबूत है। ईरानी संसद के डिप्टी स्पीकर ने आगे कहा कि जिस देश में कार्रवाई करने की वास्तविक ताकत होती है, उसे धमकियों का सहारा लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
अमेरिका ने हाल ही में दावा किया है कि अमेरिकी कंट्रोल की वजह से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में सामान्य शिपिंग आवाजाही बहाल हो गई है। ईरान ने इसे खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का पूरा कंट्रोल है और ज़मीनी हकीकत अमेरिकी दावों से मेल नहीं खाती। बघाई ने चेतावनी दी कि जब तक उनके देश अमेरिकी सैन्य आक्रामकता और आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक इस इलाके में सुरक्षा बहाल नहीं हो सकती। बघाई ने आगे कहा कि अमेरिका कह सकता है कि होर्मुज स्ट्रेट अब असरदार नहीं रहा और ईरान ने अपनी बढ़त खो दी है। लेकिन सच तो यह है कि ईरान भी अपना काम कर रहा है।