
Russia US Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच डीजल सप्लाई को लेकर हुई डील के बाद बड़ी खबर सामने आ रही है। रूस का दावा है कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित सौदे के बाद रूसी डीजल ले जाने वाला पहला टैंकर गुरुवार, 22 अक्टूबर को अमेरिका के लिए रवाना होगा। रूसी मीडिया के हवाले से यूएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने यह जानकारी दी है। हालांकि, अमेरिकी संसद इस सौदे को रोकने की कोशिश कर रही है।
अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि कल रवाना होने वाले टैंकर के अलावा आगे की खेप भी निश्चित रूप से भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस डील में दोनों नेताओं के बीच सहमति बनी थी। उनके अनुसार, डीजल की आपूर्ति के लिए रूस और अमेरिका के बीच हुए कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
रूसी उप प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि साल के अंत तक अमेरिका के अलावा अन्य देश भी रूसी डीजल प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने दावा किया कि रूस साल के अंत तक अपने डीजल निर्यात को पूरी तरह से बहाल कर सकता है।
इससे पहले 17 अक्टूबर को अमेरिकी संसद में रूसी डीजल पर ट्रंप पुतिन डील को रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया गया था। डेमोक्रेटिक पार्टी के अमेरिकी सांसद ग्रेगरी मीक्स ने ट्रंप पर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित करने का आरोप लगाया। मीक्स ने कहा कि यह डील अमेरिकी जनता के लिए महंगे डीजल की लागत को कम नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पुतिन को बिना किसी डर के यूक्रेनी नागरिकों को मारने के लिए लाखों डॉलर मिल जाएंगे।
इस समय अमेरिका में डीजल की कीमत आसमान छू रही है। साथ ही अमेरिका मेें नवंबर को मिडटर्म चुनाव हैं। इससे पहले ट्रंप ने पुतिन के साथ एक अहम डील की थी। 9 अक्टूबर को ट्रंप ने कहा था कि वह अमेरिका और वैश्विक बाजारों में रूसी डीजल की आपूर्ति के लिए पुतिन के साथ एक समझौता कर रहे हैं। इस समझौते के तहत रूस अमेरिका सहित वैश्विक बाजार में तत्काल 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल उपलब्ध कराएगा। इसके बाद ट्रंप ने नवंबर में 5 लाख टन और उसके बाद 10 लाख टन अतिरिक्त डीजल देने की बात भी कही थी।