सदा सुहागन की कामन लिए महिलाओं ने पीपल वृक्ष के लगाए १०८ फेरे, सूत्र बांध की विशेष पूजा

सदा सुहागन की कामन लिए महिलाओं ने पीपल वृक्ष के लगाए १०८ फेरे, सूत्र बांध की विशेष पूजा

shivmangal singh | Publish: Apr, 17 2018 09:11:14 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2018 09:11:15 PM (IST) Anuppur, Madhya Pradesh, India

सदा सुहागन की कामन लिए महिलाओं ने पीपल वृक्ष के लगाए १०८ फेरे, सूत्र बांध की विशेष पूजा

पति की लम्बी आयु कामना लिए महिलाओं ने सोमवती अमावस्या पर किए पीपल वृक्ष का विशेष पूजन
अनूपपुर। अमावस्या पंचांग के अनुसार माह की 30 वीं और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि जिस दिन चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता, उस दिन का भारतीय जनजीवन में अत्यधिक महत्व रहा है। हर माह की अमावस्या को कोई न कोई पर्व के रूप में अवश्य मनाया जाता हैं। सोमवार को पडऩे वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या के रूप मनाने की प्रथा है। जहां १६ अप्रैल सोमवार दिन को सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लम्बी आयु और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लिए सोमवती अमावस्या का पावन व्रत किया। सुबह से ही महिलाओं ने निर्जला व्रत करते हुए नगर के मुख्य पीपल वृक्षों के तनों में अक्षय सूत्र के १०८ परिक्रमा लगाते हुए कामना के सूत्र बांधे। इस विधि में हर फेरे में महिलाओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ईष्टदेव से मन्नते मांगी। इस दौरान महिलाओं ने जड़ों में फल-फूल चढ़ाकर हवन-धूप भी किया। माना जाता है कि सोमवती अमावस्या का अपना ही महत्व होता है। वहीं कोतमा में सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही सुहागिन महिलाओं द्वारा मंदिरो एंव वृक्षों की परिक्रमा के साथ पूजा पाठ किया गया। इस मौके पर पीपल, तुलसी सहित अन्य दूसरे वृक्षों में भी 108 फेरी लगाने के बाद मंदिर में पूजा अर्चना की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा करने का उद्देश्य पति की लम्बी आयु के साथ परिवारिक समृद्धि की कामना होती है। जैतहरी में भी इस मौके पर महिलाओं ने नगर के राम मंदिर, सत्यनारायण मन्दिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित मुख्य मन्दिरो में एकत्र होकर पूजा अर्चना की। तुलसी व वासुदेव की परिक्रमा विधि विधान से कर उनकी विशेष पूजा की।
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छात्राओं ने निकाली रैली, बाल विवाह बंद करने लोगों से की अपील
भालूमाड़ा। बाल विवाह की रोकथाम व समाज में जन जागृति के लिए सोमवार १६ अप्रैल को आंगनबाडी अधिकारी व कार्यकर्ताओं ने नगर के हाईस्कूल में स्कूली छात्र-छात्राओं को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी प्रदान की। साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा जन जागरण के लिए रैली निकाली गई। जिसमें राह से गुजरने वाले वाले सभी लोगों व वार्डवासियों से बाल विवाह सामाजिक कुप्रथा को बंद करने का आह्वान किया। इस मौके पर छात्राओं ने ‘बाल विवाह करना अपराध है के नारे भी लगाएं। रैली नगर के मुख्य मार्गो से गुजरते हुए वापस स्कूल प्रागंण में समाप्त हुई। आंगनबाड़ी सेक्टर सुपरवाईजर गिरिजा परस्ते, आंगनबाडी कार्यकर्ता शमीम अख्तर, लीला साहू एवं स्कूल की प्राचार्य अमृत कौर शिक्षिका गुंजन और चंदन सिंह ने छात्राओं को बाल विवाह के संबंध में समझाईश दी। उन्हें समझाते हुए बताया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र में बालिका का विवाह एवं 21 वर्ष से कम उम्र में बालकों का विवाह नहीं करना चाहिए। यह कानूनन अपराध है। कम उम्र में बालक-बालिकाओं का विवाह होने से उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।

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