लगातार बारिश की बौछार: अलान और तिपान नदियों में उफान, दर्जनों गांव पर मंडराया बाढ़ का खतरा

सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल डूबी, अमरकंटक में पुष्कर डेम हुआ जलमग्न

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 16 Sep 2021, 09:39 PM IST

अनूपपुर। छत्तीसगढ़ के गैरेला से निकलकर मध्यप्रदेश की सीमावर्ती क्षेत्र वेंकटनगर, जैतहरी होते अनूपपुर स्थित सोननदी में मिलने वाली अलान और तिपान दोनों नदियों में बुधवार की सुबह अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। लबालब पानी से भरे तिपान नदी ने अपने तटबंध को तोड़ते हुए आसपास के निचले खेतों में भर गई। वहीं अलान ने भी तट से सटे निचले दर्जनों गांवों को अपनी आगोश में ले लिया। जिसके कारण दोनों नदियों के उफान में सैकड़ों एकड़ की खरीफ फसल पानी में डूब गई। वहीं दर्जनों गांव पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जबकि नदियों में आई बाढ़ के कारण दोनों नदी किनारे बसे गांवों की आवाजाही का रास्ता बाधित हो गया है। बताया जाता है कि अलाननदी पर बने पुल के जलमग्न होने से वेंकटनगर-पौंडी सिंघौरा मार्ग का सम्पर्क भी टूट गया है। अचानक खेतों में लहलहाती फसलों के जलमग्न होता देखकर किसान परेशान है। ग्रामीणों ने बताया जाता है कि नदी अपने दोनों तटों पर खतरें की सीमा रेखा से उपर बह रही है। हालंाकि क्षेत्र में लगातार बारिश होने से जलस्तर में अभी और बढऩे की सम्भावना जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस जलप्रलय के कारण नदी से सटे लगभग दर्जनों गांव पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। इसमें सबसे अधिक वेंकटनगर, सिंहपुर, खैरीटोला, कपरिया, सुलखारी, सिवनी, जैतहरी सहित आसपास के गांव बाढ़ से प्रभावित होंगे। इससे पूर्व वर्ष २०१४ और २०१९ में अलाननदी अपनी निर्धारित खतरे की सीमा से उपर बहने लगी थी, जिसमें आसपास के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे, तथा हजारो एकड़ की फसल तबाह हो गई थी। इसके बाद अब पुन: अलाननदी और तिपान नदी के जलस्तर ने भयावह रूप धारण किया है। अलाननदी में आई उफान से वेंकटनगर सहित आसपास के सिंहपुर, वेंकटनगर और खौरीटोला, कदमसरा की सैकड़ों एकड़ खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई है। माना जाता है कि नदी का जलस्तर बढ़ा तो नदी तट से सटे गांवों सहित खेतों की फसलें तबाह हो जाएगी। फिलहाल नदी तट से लगे इलाकों के ग्रामीणों ने बाढ़ की आशंकाओं में अपने घरों में सामग्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रखना आरम्भ कर दिया है। विदित हो कि गौरेला-अनूपपुर के बीच लगभग ७५-८० किलोमीटर लम्बाई में अलान-तिपान नदी बहती है। जिसके तट से वेंकटनगर, जैतहरी के दर्जनभर गांव आते हैं। इस नदी का उपयोग ग्रामीण खेत की सिंचाई के रूप में करते हैं। गर्मी के दिनों में इसमें कम पानी होता है, लेकिन बारिश के दिनों में आसपास का पानी भरने से यह भयावह रूप में नजर आने लगती है। वेंकटनगर और जैतहरी में दो फसली फसल उपाजाई जाती है इसमें रबी और खरीफ की अच्छी पैदावार होती है। फिलहाल अलान और तिपान नदी की उफान में खरीफ की फसलें प्रभावित होती नजर आ रही है। वहीं स्थानीय पुलिस और प्रशासन गश्त कर लोगों को नदी पार करने से रोक रही है।
बॉक्स: अमरकंटक में पुष्कर डैम हुआ जलमग्न
एक ओर जहां वेंकटनगर में अलान और तिपान ने भयावह रूप धारण किया है, वहीं पवित्र नगरी अमरकंटक में भी लगातार बारिश की वजह से नर्मदा के जलस्तर में तेजी आई है। इससे कपिला संगम के समीप स्थित पुष्कर डैम से गुरुद्वारा जाने वाले मार्ग पर स्थित पुल जलमग्न हो गया। इसके साथ ही पुष्कर डैम पर क्षमता से अधिक जल संग्रहण होने से पानी बहता रहा है। साथ ही नगर पंचायत अमरकंटक के कई वार्ड में लोगों के घरों में भी बारिश का पानी भर गया है।
बॉक्स: लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
मौसम विभाग की पूर्वानुमान में तेज बारिश की दी गई चेतावनी में पिछले दो दिनों से अनूपपुर सहित आसपास के जिलों में बारिश हो रही है, जिसमें उपरी हिस्सों का पानी तेजी के साथ निचले क्षेत्रों में भर रहा है। वहीं लगातार बारिश से शहरी और ग्रामीण जनजीवन भी प्रभावित हो रही है। हालंाकि बारिश से खेतों में लगी धान की फसल को अधिक फायदेमंद बताया जा रहा है।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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