मासूम की मौत पर परिजनों ने स्वास्थ्य केन्द्र में मचाया हंगामा, बीएमओ के साथ की मारपीट, डॉक्टरो ने कार्य बहिष्कार कर कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन

मासूम की मौत पर परिजनों ने स्वास्थ्य केन्द्र में मचाया हंगामा, बीएमओ के साथ की मारपीट, डॉक्टरो ने कार्य बहिष्कार कर कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन

shivmangal singh | Publish: Sep, 02 2018 09:16:41 PM (IST) | Updated: Sep, 02 2018 09:16:42 PM (IST) Anuppur, Madhya Pradesh, India

मासूम की मौत पर परिजनों ने स्वास्थ्य केन्द्र में मचाया हंगामा, बीएमओ के साथ की मारपीट, डॉक्टरो ने कार्य बहिष्कार कर कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन

३ दिनों की मोहल्लत, कार्रवाई नहीं होने पर डॉक्टरों सहित चिकित्सक स्टॉफ देंगे सामूहिक त्यागपत्र
अनूपपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा में उपचार के दौरान १३ माह के मासूम की मौत के बाद परिजनों ने शुक्रवार को स्वास्थ्य केन्द्र में हंगामा मचाते हुए कोतमा बीएमओ केएल दीवान के साथ अभ्रदता करते हुए मारपीट की। वहीं परिजनों ने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं परिजनों के दुव्यवहार से नाराज स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टरों ने सामूहिक रूप में कार्य का बहिष्कार कर शनिवार१ सितम्बर को जिलेभर के डॉक्टरों के साथ संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। जिसमें डॉक्टरों ने मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा कार्रवाई नहीं होने पर समस्त स्टॉफ द्वारा अपने पद से त्याग पत्र देने की बात कही है। शिकायत पत्र में डॉक्टरों ने बताया है कि ३१ अगस्त की दोपहर ३.५६ बजे मुन्ना गुप्ता उर्फ धन प्रसाद पिता बलभद्र गुप्ता निवासी वार्ड क्रमांक ४ कोतमा अपनी नातिन को मृत अवस्था में अस्पताल लेकर आए थे। जिसका चिकित्सकीय परीक्षण डॉ. चिनमय पटेल द्वारा कर उसे मृत घोषित किया गया। परिजनों के आग्रह पर डॉ. चिनमय पटेल एवं द्वारा पुन: परीक्षण करते हुए बालिका की मृत्यु के संबंध में जानकारी दी। इसी दौरान डॉ. केएल दीवान एवं डॉ. शिव कुमार पांडेय द्वारा भी मृत्यु की पुष्टि की गई। जिसके बाद परिजनों एवं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के द्वारा जबरन डॉक्टर्स पर इलाज में लापरवाही का दोष लगाते हुए चिकित्सकीय कार्य को बाधित कर डॉक्टरो के साथ अपशब्दो का प्रयोग करते हुए चिकित्सालय को जलाने की बात कहने लगे तथा बीएमओ डॉ. केएल दीवान के साथ मारपीट की। बताया जाता है कि 31 अगस्त को मासूम को खाना (दाल) खिलाने के दौरान गले मे अटक जाने के बाद पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाया गया। जहां बच्ची की मौत हो गई। परिजनो का आरोप है कि बच्ची के उपचार में लापरवाही बरती गई। परिजनों का आरोप है कि बीएमओ से चलकर देखने एंव उपचार करने के लिए कहे जाने के बाद भी अपने कमरे में बैठ टाल-मटोल एंव दूसरे डाक्टर द्वारा देखे जाने की बात कही। जिस दौरान बच्ची के मौत के बाद परिजन बिफर गए। घटना की बाद एसडीएम कोतमा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचकर परिजनों व डॉक्टरों को शांत किया।
बॉक्स: सिर्फ आपातकाल सेवा उपलब्ध
शिकायत में डॉक्टरो ने बताया कि १ सितम्बर से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा में केवल आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेगी एवं बाह्य रोगी कक्ष बंद रहेगी। ३ सितम्बर की सुबह लगभग ८ बजे तक अगर अपराधियों के विरूद्ध मप्र. चिकित्सा सुरक्षा अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति सुरक्षा अधिनियम तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की धाराओं के तहत कार्रवाई एवं पुलिस चौकी स्थापित नहीं की गई तो चिकित्सक सहित समस्त स्वास्थ्य कर्मचारी अपने वर्तमान पद से त्याग पत्र देने विवश होगे।
वर्सन:
मासूम की मौत दुखद घटना है। मेरे द्वारा पुलिस कार्यालय में दोनों पक्षो के मध्य सुलह कराने एंव डाक्टरो से काम पर लौटने को लेकर चर्चा की गई। डाक्टरो की सुरक्षा जरुरी है तो मरीजो के साथ भी ज्यादती नहीं होना चाहिए।
मनोज अग्रवाल, विधायक कोतमा
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मामले की जांच कर प्रकरण में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसएन प्रसाद, एसडीओपी कोतमा

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