माता पिता का सिर से उठा साया, नानी ने थामा हाथ, प्रशासन ने बालक की अबतक नहीं ली सुध

कोरोना संक्रमण से पिता की मौत, प्रमाण के लिए नहीं साक्ष्य, आजतक नहीं मिली शासकीय सहायता

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 21 Jun 2021, 08:44 PM IST

अनूपपुर। कहते हैं बचपन हर गम से बेगाना होता है, लेकिन बिजुरी नगरपालिका वार्ड क्रमांक ६ निवासी 6 वर्षीय बालक राधे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 2 वर्ष पूर्व पहले अपनी मां को खोया और माहभर पूर्व कोरोना ने उसके पिता को उससे छिन लिया है। जिसके बाद वह बेसहारा हो चला है। माता-पिता की मौत के बाद घर में अन्य कोई रिश्तेदार नहीं होने पर नानी ने बालक की अंगलियों को थाम लिया है। लेकिन खुद मजदूरी से परिवार का भरण पोषण करने वाली नानी को राधे के भविष्य की चिंताएं सता रही है। मां की मौत के बाद राधे के लिए पिता ही सहारा थे, लेकिन पिता की मृत्यु के राधे के पास अपना कहने के लायक कोई भी नहीं बचा है। वहीं बेसहारा और आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे बालक की सुध भी प्रशासन द्वारा आजतक नहीं लिया गया है। बताया जाता है कि नगरपालिका वार्ड क्रमांक 6 उर्जा नगर निवासी 6 वर्षीय राधे की मां गुड्डी बाई का निधन 2 वर्ष पूर्व हो गया था। इसके बाद पिता महेंद्र सिंह उसकी परवरिश कर रहे थे। तभी २ महीने पूर्व सर्दी खांसी तथा बुखार की वजह से पिता की भी असमायिक मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि पिता की मृत्यु कोरोना से हुई थी, लेकिन इसका कोई प्रमाण उनके पास नहीं है।
बॉक्स: माता पिता की बनाई झोपड़ी भी आंधी में हुआ क्षतिग्रस्त
6 वर्षीय राधे के पास सिर छुपाने के लिए भी अब आसरा नहीं है। पिता ने जो कुटिया बनाई थी वह भी आंधी-बारिश की वजह से तबाह हो चुकी है। इसके साथ ही ना तो गरीबी रेखा सूची में उसका नाम दर्ज है और ना ही आज तक उसने स्कूल का मुंह देखा है। ऐसी हालत में राधे की नानी उसका पालन पोषण कर रही है।
बॉक्स: शासकीय सुविधाएं दिलाने की मांग
वरिष्ठ समाजसेवी गणेश शर्मा ने रविवार को राधे से मुलाकात करते हुए इसकी जानकारी बाल संरक्षण विभाग के अधिकारियों को दी। और बालक को शासकीय सहायता दिलाए जाने की मांग की। इसके साथ ही पिता की मृत्यु कोरोना से होने की बात समाजसेवी द्वारा कहते हुए कोरोना संक्रमण से अनाथ हुए बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ राधे को दिलाए जाने की मांग की है। वहीं अधिकारियों ने अब टीम द्वारा मामले की जांच कर सहायता उपलब्ध दिलाने का आश्वासन दिया है।
वर्सन:
मैं तत्काल बिजुरी में कार्यरत कार्यकर्ताओं को बालक के सम्बंध में जानकारी जुटाते हुए कार्रवाई करती हूं। उसे शासन द्वारा प्रतिमाह ५ हजार के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
मंजूषा शर्मा, महिला सशक्तिकरण अधिकारी अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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