बिजली चोरी के प्रकरणों में होंगे समझौते

लोक अदालत

By: Ram kailash napit

Published: 09 Nov 2016, 11:15 PM IST

अशोकनगर. विद्युत वितरण कंपनी नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियतिताओं के प्रकरणों को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। कंपनी द्वारा विद्युत अधिनियम की धारा 135, 138  तथा 126  के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों में लोक अदालत में समझौता शर्तों का मसौदा जारी कर दिया गया है।
कंपनी के उप महाप्रबंधक वतन खाड़े ने बताया कि कंपनी द्वारा प्रीलिटिगेशन के माध्यम से निराकरण के लिए निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट दी जाएगी। कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 40 प्रतिषत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिनों के बाद छमाही चक्रवृद्धि दर से 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिनों के बाद प्रत्येक छहमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16  प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

छूट के लिए नियम एवं शर्तें
  • आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा।
  • उपभोक्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन के विरुद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा।
  • आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिए वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरुद्ध बकाया राशि का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा।
  • पूर्व की लोक अदालतों में छूट प्राप्त कर चुके उपभोक्ता छूट के लिए पात्र नहीं होंगे।

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Ram kailash napit Desk
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