26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तीन मंजिला डे-शेल्टर, 10 आकर्षक हट तैयार, दीवारों पर दिखेगी लव-कुश गाथा

रंगपंचमी मेले से पहले पूरे हो जाएंगे सभी निर्माण, एक साथ पांच हजार श्रद्धालुओं की व्यवस्था...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अशोकनगर

•

image

Satish More

•

Updated: 8 Dec 2019, 2:48 PM IST

Three-storey de-shelter, 10 attractive huts ready

Three-storey de-shelter, 10 attractive huts ready

अशोकनगर. देश का एक मात्र मां जानकी मंदिर रंगपंचमी मेले से पहले ही आकर्षक स्वरूप में दिखने लगेगा। 4.29 करोड़ रुपए की लागत से हो रहे निर्माण कार्यों में तीन मंजिला डे-शेल्टर और श्रद्धालुओं को बैठने के लिए 10 आकर्षक हट बनकर तैयार हो गए हैं।

इससे अब करीला में एक साथ पांच हजार श्रद्धालुओं को बैठने के लिए छाया की व्यवस्था हो गई है। मप्र राÓय पर्यटन विकास निगम 4.29 करोड़ रुपए की लागत से करीला में निर्मााण कार्य करा रहा है।

करीला में धूप और बारिश में सिर छिपाने के लिए श्रद्धालुओं को छाया की कोई व्यवस्था नहीं थी, इसके लिए तीन मंजिला डे-शेल्टर बनाया गया है और परिसर को आकर्षित बनाने के लिए काले और लाल पत्थर से10 हट भी बनाए गए हैं, प्रत्येक हट में 20 श्रद्धालु आसानी से बैठ सकेंगे।

साथ ही रैलिंग के पुराने शेड को हटाकर नया शेड चुका है। वहीं दीवारों पर आकर्षक 15 मूर्तिनुमा चित्रणों के माध्यम से करीला में मां जानकी और लव-कुश की गाथा दिखेगी। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक शेष निर्माण कार्य रंगपंचमी मेले से पहले पूर्ण हो जाएंगे।

1.60 लाख लीटर क्षमता वालीं पानी की टंकियां
जहां सामान्य दिनों में भी करीला में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन पेयजल गंभीर समस्या रहती है। इसके लिए 20-20 हजार लीटर की आठ पानी की टंकियां स्टील के स्ट्रक्चर पर सेट की जा रही हैं, जिनमें 1.60 लाख लीटर पानी भरा जा सकेगा और जगह-जगह टोंटियां लगाई जाएग, ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।

अभी यह निर्माण बाकी
- आकर्षक पार्क और वाहनों को रखने के लिए पार्किंग का निर्माण कार्य भी योजना में शामिल है, लेकिन अभी इनका
निर्माण शुरू नहीं हुआ।
- रोजाना दर्जनों परिवार भंडारा कराने पहुंचते हैं, जो निकास द्वार के बाहर खाना बनाते दिखते हैं, जिनके लिए बड़ी भोजशाला का निर्माण भी शेष है।
- सड़कों पर स्ट्रीट लाइट का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ, वहीं डे-शेल्टर और हटों के बीच लाल पत्थर से सीढ़ीनुमा चबूतरे का काम चल रहा है।
- प्रसाधन सुविधा न होने से महिला श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था, इससे पांच-पांच महिला-पुरुष टॉयलेट व एक बेबी रूम बन रहा है।

कुछ ही दिन में करीला में छाया और पानी की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी, अब तक हो चुके निर्माण स्थलों में पांच हजार श्रद्धालुओं के आसानी से बैठने की व्यवस्था हो चुकी है। शेष कार्य भी रंगपंचमी मेले से पहले पूर्ण हो जाएंगे। हमने श्रद्धालुओं को ठंडे पानी की व्यवस्था के लिए बड़ा वाटर कूलर लगाने की पर्यटन विकास निगम से मांग की है।
- महेंद्रसिंह यादव, अध्यक्ष, मां जानकी मंदिर ट्रस्ट करीला