HongKong में प्रदर्शनों को दबाने के लिए China लाएगा विधेयक, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लाने की तैयारी

Highlights

  • हांगकांग (HongKong)  में बीते एक साल से हिंसक प्रदर्शन जारी हैं, चीनी संसद के सालाना सत्र में कानून को लेकर होगी चर्चा
  • हांगकांग ब्रिटिश शासन से चीन के हाथ 1997 में 'एक देश, दो व्यवस्था' के तहत आया, मगर China उस पर अपने कानून थोपने शुरू कर दिए

By: Mohit Saxena

Updated: 22 May 2020, 10:51 AM IST

बीजिंग। हांगकांग (Hongkong) में पिछले एक साल से चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन ने हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। वह हांगकांग के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National security Law) लाने की तैयारी कर रहा है। चीन 1997 से यहां सत्ता में हैं। यहां पर बीते एक साल से बड़े प्रदर्शन जारी हैं। चीनी संसद के सालाना सत्र के दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा शुक्रवार से शुरू हो रही है।

हांगकांग के लिए कानून

चीनी संसद सत्र से पहले एक बैठक में कानून व्यवस्था को स्थापित करने के लिए बिल पर समीक्षा के एजेंडे को शामिल किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस कानून के तहत विदेशी हस्तक्षेप, आतंकवाद और राष्ट्रदोह की गतिविधयों पर प्रतिबंध होगा जिनसे सरकार को गिराने की कोशिश की जा रही हो।

ब्रिटिश शासन से चीन के हाथ आया हांगकांग

इस विधेयक से बीजिंग हांगकांग की राजनीतिक उठापटक को अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि हांगकांग ब्रिटिश शासन से चीन के हाथ 1997 में 'एक देश, दो व्यवस्था' के तहत आया और उसे खुद के भी कुछ अधिकार मिले हैं। इसमें अलग न्यायपालिका और नागरिकों के लिए आजादी के अधिकारों को भी शामिल किया गया है। यह व्यवस्था 2047 तक के लिए है।

राष्ट्रगान को लेकर विवाद

कुछ दिन पहले हांगकांग में चीन के राष्ट्रगान को लेकर विधान परिषद में पेश किए एक विधेयक पर जमकर बवाल मचा। परिषद में चर्चा के दौरान लोकतंत्र समर्थक सांसदों ने इस बिल का विरोध किया था। लोकतंत्र समर्थक कई सांसदों को जबरन परिषद की कार्यवाही से बाहर निकाल दिया गया। इस विधेयक के पास होने के बाद हांगकांग में चीनी राष्ट्रगान का अनादर करना अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।

विरोध प्रदर्शनों में कइयों की मौत

हांगकाम चीन का एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है जहां आजादी की मांग को लेकर लाखों संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। हालांकि, चीनी फौज और हांगकांग की चीन समर्थित सरकार ने इस आंदोलन को कुचलने की भरपूर कोशिश की। इस दौरान हुई झड़पों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हुई थी।

Mohit Saxena
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