पाकिस्तान चुनाव: थम गया प्रचार, आखिरी दिन राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकत

पाकिस्तान के आम चुनाव में पूर्व क्रिकेटर और तहरीक ए इंसाफ पार्टी के नेता इमरान का पलड़ा सबसे भारी बताया जा रहा है। उनको पाकिस्तान की कट्टर पंथी जमात सहित सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन भी हासिल है। इमारन खुद अपनी रैलियों में चुनाव जीतने का दावा करते आये हैं।

By: Siddharth Priyadarshi

Published: 24 Jul 2018, 08:06 AM IST

लाहौर। पाकिस्तान में बुधवार 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव के लिए प्रचार सोमवार मध्यरात्रि समाप्त हो गया। प्रचार के अंतिम दिन हुए भारी शोर-शराबे के बीच सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। राजनीतिक दलों के उम्मीदवार और नेता जनसभाओं और घर-घर जाकर प्रचार करते नजर आए। पार्टियों ने वोटरों को अपने फेवर में करने के लिए पूरा दम लगा दिया।

थम गया प्रचार

सोमवार शाम चुनाव प्रचार थमने के बाद कोई भी उम्मीदवार जनसभाओं को संबोधित नहीं कर सकेगा। जुलूस और रैली निकालने पर भी रोक है।चुनाव आयोग के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया को निर्देश दिया गया है की वो राजनीतिक दलों के विज्ञापनों से परहेज करेंगे। आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को दो साल तक की जेल की सजा या एक लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है

जनता के बीच नहीं है उत्साह

पाकिस्तान में आम चुनाव को लेकर आम जनता के बीच बहुत अधिक उत्साह देखने को नहीं मिला है। इन चुनावों पर आतंकी हमलों का डर भी बना हुआ है। सुरक्षा स्थिति के संवेदनशील बने रहने से लोग राजनीतिक रैलियों में जाने से बच रहे हैं। हालांकि पुलिस सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को सुरक्षा के लिए आश्वस्त किया है लेकिन अभी तक लोगों में डर बना हुआ है।

अब तक का सबसे महंगा चुनाव

पाकिस्तान में इस बार होने वाले इस आम चुनाव को अब तक पाकिस्तान के इतिहास का सबसे महंगा चुनाव बताया जा रहा है। पाकिस्तान चुनाव आयोग के अनुसार समूची चुनावी प्रक्रिया में 2,364 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।यह 2013 के आम चुनावों में हुए खर्च हुई रकम से 10 फीसदी ज्यादा है। इस तरह यह यह पाकिस्तान में संपन्न तक सबसे महंगा चुनाव होगा। इन चुनावों में नेशनल असेंबली के लिए तीन हजार से अधिक और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए आठ हजार से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

इमरान खान सबसे आगे

पाकिस्तान के आम चुनाव में पूर्व क्रिकेटर और तहरीक ए इंसाफ पार्टी के नेता इमरान का पलड़ा सबसे भारी बताया जा रहा है। उनको पाकिस्तान की कट्टर पंथी जमात सहित सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन भी हासिल है। इमारन खुद अपनी रैलियों में चुनाव जीतने का दावा करते आये हैं। पाकिस्तान के चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों की मानें तो इमरान खान का प्रधानमंत्री बनने का सपना इस बार सच हो सकता है। युवाओं के बीच इमरान काफी लोकप्रिय हैं।

बिलावल भुट्टो और शहबाज शरीफ की उम्मीदें

पाकिस्तान के चुनावों में पीएमएल नवाज के शहबाज शरीफ और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बिलावल अली भुट्टो भी चुआनव जीतने की उम्मीदें लगाए हैं। जहां बिलावल अपनी मां और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की राजनीतिक विरासत के सहारे अपनी नैया पार लगाने की कोशिश कर रहे हैं वहीं नवाज शरीफ को चुनाव के लिए अयोग्य करार दिए जाने के बाद कमान संभालने वाले उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ भी अपनी क्लीन इमेज और नवाज को झूठे आरोपों में फसाए जाने की दुहाई देते हुए लोगों से वोट देने की अपील कर रहे हैं।

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