मालदीव : पूर्व राष्ट्रपति को रिहा करने का उच्च न्यायालय का आदेश

  • राष्ट्रपति के खिलाफ धनशोधन का है मामला
  • अदालत ने कहा है एक महीने से ज्यादा नहीं रख सकते हिरासत में
  • स्वास्थ्य कारणों से राष्ट्रपति को घर में ही रखा गया था नजरबंद

By: Navyavesh Navrahi

Updated: 29 Mar 2019, 09:51 PM IST

मालदीव के उच्च न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह आदेश सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपों के पक्ष में पर्याप्त सबूत न होने पर दिया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक यामीन को फरवरी में उस समय हिरासत में लिया गया था, जब एक आपराधिक अदालत ने उन्हें तबतक हिरासत में रखने का आदेश प्रशासन को दिया था, जब तक उनके खिलाफ धनशोधन के एक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती।

अभियोजन ने यामीन को हिरासत में लेने के लिए अदालत से आज्ञा चाही, ताकि वह अपने खिलाफ गवाहों और सबूतों को प्रभावित न कर सकें। मालदीव की अदालत ने हालांकि गुरुवार को कहा कि यमीन को एक महीने से अधिक समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता और अभियोजन ने उनकी हिरासत बढ़ाने का कोई कारण मुहैया नहीं कराया है।

रिपोर्ट के अनुसार- यामीन को स्वास्थ्य कारणों से जेल में न रखकर, घर में ही नजरबंद रखा गया था। बता दें, यामीन धनशोधन के आरोपों का सामना कर रहे हैं और आपराधिक अदालत ने उनके स्थानीय बैंक खाते को जब्त कर लिया है। इसमें लगभग 65 लाख डॉलर जमा हैं। जबकि यामीन ने किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और आरोपों के खिलाफ अपील की है।

Navyavesh Navrahi
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