24 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अगले हफ्ते होगा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा, दोनो देशों की बीच होंगे कई द्विपक्षीय समझौते

अपनी इस यात्रा के दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने भारतीय समकक्ष रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे।
2 min read
Google source verification

image

Shweta Singh

Sep 28, 2018

Russian president Putin on official visit to India on October 4-5

अगले हफ्ते होगा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा, दोनो देशों की बीच होंगे कई द्विपक्षीय समझौते

मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर अगले हफ्ते आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने भारतीय समकक्ष रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। पुतिन नई दिल्ली में 4 और 5 अक्टूबर को भारत और रूस के बीच होने वाले 19वें शिखर सम्मलेन में शिरकत करेंगे। इस बारे में क्रेमलिन प्रेस ने आधिकारिक घोषणा की है।

शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच होने वाल सबसे उच्चतम सम्मेलन

आपको बता दें कि भारत-रूस शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच होने वाल सबसे उच्चतम स्तर का आधिकारिक सम्मलेन माना जाता है। इसकी शुरुआत साल 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने की थी। उस दौरान नई दिल्ली में इसके उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति पुतिन ने भी हिस्सा लिया था। बता दें कि ये सम्मलेन बारी-बारी से दोनों देशों में आयोजित किया जाता है। साल 2017 में ये शिखर सम्मेलन सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित किया गया था।

40,000 करोड़ रुपए के सौदे पर किए जाएंगे हस्ताक्षर

वहीं पीएम मोदी और पुतिन के बीच इससे पहले पिछले साल की 21 मई को एक अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए में मुलाकात हुई थी। क्रेमलिन प्रेस सर्विस ने इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए ये भी बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय कागजातों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि रूस और भारत के बीच एस-400 एयर डिफेंस मिसाइलों को खरीदने के लिए करीब 40,000 करोड़ रुपए के सौदे पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।

भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर रूस

गौरतलब है कि भारत और रूस की नजदीकियों को देखते हुए अमरीका ने हाल ही में भारत को रूसी कंपनियों से हथियार खरीदने पर बैन लगाई थी, लेकिन इसके विपरीत रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है।

ये भी पढ़ें:- कैवनॉग मामला: सीनेट के सामने फॉर्ड ने सुनाई आपबीती, लाखों लोग इस तरह सुनवाई में हुए शामिल