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कौन है सिराजुद्दीन हक्कानी, तालीबान ने पहली बार दिखाया उसका चेहरा

तालिबान का गृहमंत्री और 1 करोड़ डॉलर का इनामी आतंकी सिराजुद्दीन हक्‍कानी पहली बार दुनिया के सामने आया है। सिराजुद्दीन हक्‍कानी पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करता है। यही नहीं वो आतंकी संगठन हक्‍कानी नेटवर्क का सरगना भी है।
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नई दिल्ली

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Dheeraj Sharma

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Updated: 6 Mar 2022, 6:49 AM IST

Who Is Sirajuddin Haqqani First Time Taliban Release his photo

Who Is Sirajuddin Haqqani First Time Taliban Release his photo

अफगानिस्‍तान में तालिबान के कब्‍जे के बाद पहली बार सिराजुद्दीन हक्‍कानी कैमरे के सामने आया है। पुलिस के एक कार्यक्रम में सिराजुद्दीन हक्‍कानी ने हिस्सा लिया। खास बात यह है कि इस दौरान उसने पाकिस्‍तानी राजदूत के अभिवादन करने पर उन्हें भाव तक नहीं दिया। बता दें कि हक्‍कानी पहले भी कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होता रहा है लेकिन अब तक उसकी तस्‍वीर सामने नहीं आई थी।


पहली बार एक साथ सामने आई फोटो और वीडियो

ऐसा पहली बार है जब सिराजुद्दीन हक्‍कानी का फोटो और वीडियो एक साथ सामने आया है। कार्यक्रम के दौरान पाकिस्‍तान के अफगानिस्‍तान में राजदूत ने उनका अभिवादन किया, लेकिन मगरूर हक्‍कानी ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।

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दरअसल मीडिया खबरों की मानें तो इन दिनों पाकिस्तान और तालिबान के बीच रिश्ते कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं। बिगड़ते रिश्तों की वजह का ही असर हक्कानी के रुख में देखने को मिला है।


अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर, दशकों में मायावी नेता की पहली छवि है जहां उनका चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

तस्वीर को शनिवार को इस संदेश के साथ ट्वीट किया गया था: "इस्लामिक अमीरात के मंत्री, खलीफा साहिब सिराजुद्दीन हक्कानी हाफिजुल्ला ने राष्ट्रीय पुलिस के स्नातक समारोह का उद्घाटन किया।"


अमरीका के डेढ दशक से ज्यादा वक्त तक हक्कानी का पीछा किया। बावजूद इसके अमरीका के पास हक्कानी का एक साइड फोटो ही है। इस फोटो में हक्कानी का चेहरा एक शॉल में आधा ढका हुआ है।

वहीं भारत के पास भी हक्कानी की कोई तस्वीर नहीं है। भारत हक्कानी पर अफगानिस्तान स्थित अपने दूतावास में भारत की संपत्ति पर कई हमलों का आोरप लगाया था।


तालिबान लगातार पहचान छिपाता रहा
खास बात यह है कि सितंबर 2021 में हक्कानी के सरकार का हिस्सा बनने के बाद भी, तालिबान ने उसे जारी की गई किसी भी प्रचार सामग्री से दूर रखने का हर संभव प्रयास किया।

पिछले साल अक्टूबर में काबुल के इंटरकांटिनेंटल होटल में तालिबान की बैठक के बाद सामने आई तस्वीरों की एक श्रृंखला में हक्कानी का चेहरा या तो गुलदस्ते से छिपा हुआ था या जानबूझकर धुंधला किया गया था।

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