सीएम योगी ने सभी डीएम व एसपी संग बैठक में लिया बहुत बड़ा फैसला, डीजीपी ने बताई यह बड़ी बात

सीएम योगी ने सभी डीएम व एसपी संग बैठक में लिया बहुत बड़ा फैसला, डीजीपी ने बताई यह बड़ी बात
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Abhishek Gupta | Updated: 12 Jun 2019, 06:05:22 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

यूपी में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सीएम योगी ने बुधवार को सभी जिलों के डीएम व एसपी के साथ बैठक की.

लखनऊ. यूपी में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सीएम योगी ने बुधवार को सभी जिलों के डीएम व एसपी के साथ बैठक की। लोकसभा चुनाव के बाद ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं खासतौर पर बच्चियों के साथ हुई दुष्कर्म व हत्याओं के बाद सीएम योगी से इस बैठक की अपेक्षा की जा रही थी। बैठक में भी सीएम योगी ने सख्त तेवर अख्तियार किेए और सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को सख्ती के साथ अपराध से निपटने के निर्देश दिए हैं। लोकभवन में हुई मीटिंग में कानून व्यवस्था के संबंध में यूपी डीजीपी सहित राज्य के समस्त जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में कानून व्यवस्था में सुधार के साथ ही सीएम योगी ने स्वच्छ भारत मिशन को पूरे करने व गो तस्करी पर रोकथाम जैसे मुद्दों को भी शामिल किया।

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घटना के रिस्पांस टाईम को लेकर दी खास हिदायत-

समीक्षा बैठक के बाद मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडे ने प्रेस वार्ता कर बताया कि बैठक में सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौैजूद रहे। सीएम योगी अलीगढ़, हमीरपुर और शामली में हुई घटनाओं से बेहद नाराज थे। सीएम योगी ने घटना के रिस्पांस टाईम को लेकर खास हिदायत दी है। अलीगढ़, हमीरपुर और शामली की घटनाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए क्विक रिस्पांस के निर्देश दिए है। वहीं उन्होंने गरीब जनता से खास समन्वय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों की भाषा गलत हो सकती है, उनका भाव नहीं। गरीब जनता की समस्या को समझने की आवश्यकता है।

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15 से 20 जून तक सभी अधिकारी करें जिलों का निरीक्षण-

सीएम योगी ने 15 से 20 जून तक सभी प्रशासनिक अधिकारियों को जिलों में निरीक्षण करने के निर्दश दिए हैं। वे सभी अस्पताल, तहसील का नीरिक्षण करेंगे और 20 जून इसकी रिपोर्ट पेश करेंगे। जिले की क्या समस्याएं है उसका पूरा जायजा लेकर सम्पूर्ण जानकारी रिपोर्ट के रूप में मुख्य सचिव के माध्यम से सीएम को पेश करेंगे। इसके बाद सीएम योगी खुद सभी अधिकारियों के साथ मंडलों में जाएंगे और वहां के विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे।

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तैनाती स्थल पर नाइट हॉल्ट-
सीएम योगी ने सभी जिलों के एसएसपी और डीएम को जनता से कम से कम एक घंटा मिलने के निर्देश दिए है। साथ ही जो अधिकारी जहां तैनात है वहां नाइट हाल्ट करें। चाहे एसडीएम हों या सीओ या फिर एसओ हों, अगर वहां आवास नहीं हैं तो किराए के मकान में रहें। सीएम योगी गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग व शुक्रवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा भी करेंगे।

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डीजीपी ने भी की प्रेस वार्ता-
सीएम योगी संग बैठक के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने भी प्रेस वार्ता की और बताया कि सीएम योगी ने उन्हें गो तस्करी को हर हाल में रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गंभीर अपराध की मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं। जनता से जवाबदेही को तय करने को सीएम ने दिए निर्देश। थानाध्यक्ष की नियुक्ति मेरिट के बेसिस पर ही होनी चाहिए। साथ ही अभ फुट पेट्रोलिंग की जाएगी। डीजीपी ने आगे बताया कि यूपी 100 के रूट को फिर से बदला जाएगा व इसकी फिर से समीक्षा की जाएगी। अपराधियों को किसी भी दशा में छोड़ा नही जाएगा। ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत किया जाए। टॉप 10 अपराधियों की सूची हर थाने में होनी चाहिए। कानून व्यवस्था बेहतर करने के लिए जनता से सीधा संवाद किया जाएगा। वहीं तैनाती की जगह पर ही अधिकारियों व अफसरों को रात्रि विश्राम के निर्देश दिए गए हैं। ओपी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने साइबर क्राइम पर भी जोर दिया है। हमने दो जगह साइबर थाने स्थापित किए हैं। एक लखनऊ और नोएडा में, गौ तस्करी को भी हर दशा में रोकने के लिए निर्देश दिया है। वहीं सीएम ने तीन चीजों पर विशेष ध्यान दिया है, दलित अपराध, अल्पसंख्यक अपराध और महिलाओं के साथ होने वाले अपराध।

सभी के मोबाईल रखवा लिए बाहर-
सीएम योगी की प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की खास बात यह भी रही कि पहली बार सभी अधिकारियों के सेल फोन जमा करा लिये गये। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक के लिए मीटिंग हॉल में जाने से पहले बाहर ही एक बड़ा स्टॉल लगाया गया, जहां पर सभी के मोबाइल जमा करा लिए गए। बताया जा रहा है कि मोबाइल जमा करने से पहले उनके मोबाइल पर जिले के नाम और पद की स्लिप भी चस्पा की गई। उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए मोबाइल जमा करने पर टोकन दिया गया जिसे वापस करने पर मोबाइल फिर से लिया जा सका। सीेएम नहीं चाहते थे कि बैठक के दौरान फोन कॉल य मैसेज से किसी प्रकार की खलल पैदा हो। इसे लेकर मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने पूर्व में ही आदेश भी जारी किया था जिमसें कहा गया था कि लोकभवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में किसी का भी मोबाइल फोन लाना प्रतिबंधित है। यह पत्र उप मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार के सभी राज्यमंत्रियों व राज्यमंत्रियों के निजी सचिवों को दिया गया था।

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