Unnao Gangrape: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुलदीप सेंगर की बढ़ी मुसीबत, सीबीआई ने उठाया बड़ा कदम

- आरोपी विधायक को हिरासत में लेने की दी अर्जी
- 7 दिनों में नहीं, 15 दिनों में सीबीआई को करनी होगी जांच पूरी

By: Abhishek Gupta

Published: 02 Aug 2019, 05:46 PM IST

लखनऊ. उन्नाव गैंगेरेप मामले (Unnao gangrape case) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की सख्ती के बाद सीबीआई (CBI) टीम ने जांच पड़ताल में तेजी ला दी है। 15 दिनों की मिली समय सीमा के बाद सीबीआई टीम ने शुक्रवार को गैंगरेप पीड़िता की कार को टक्कर मारने वाले ट्रक ड्राइवर (Driver) और क्लीनर (Cleaner) को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (Central Bureau of Investigation) की कोर्ट (CBI Court) में पेश किया। ड्राइवर आशीष पाल और क्लीनर मोहन को कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई कोर्ट लाया गया। सीबीआई ने कोर्ट से इनकी एक दिन की ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) भी मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर दिया। ट्रांजिट रिमांड पर अब सीबीआई इनसे शनिवार को दिल्ली में पूछताछ करेगी। सीबीआइ ने कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldee Singh Sengar), अतुल सिंह (Atul Singh), वीरेंद्र सिंह और शैलेंद्र सिंह को हिरासत में लेने की भी कोर्ट में अर्जी दी है। इसी के साथ सीबीआई की एक टीम ने दुष्कर्म पीड़िता व उसके परिवार की सुरक्षा में तैनात रहे माखी थाना व पुलिस लाइन से कई पुलिस कर्मियों को पूछताछ के लिए शुक्रवार दोपहर को लखनऊ बुलाकर पूछताछ की।

Unnao rape case

सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट से मिला 15 दिनों का समय-

सीबीआई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच पूरी करने के लिए उन्हें अब सात की जगह 15 दिन का समय दे दिया है। इसी के साथ उन्होंने हादसे से जुड़े मामले की सुनवाई लखनऊ की सीबीआई कोर्ट (CBI Court) को सौंप दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक इस मामले से जुड़ी सुनवाई लखनऊ सीबीआई कोर्ट में ही की जाएगी। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने पूछताछ के लिए कुलदीप सेंगर की कस्टडी की भी मांग की है।

पीड़िता के घर व ट्रामा सेंटर में सीआरपीएफ का पहरा-

सुप्रीम कोर्ट का रुख कड़ा होने के बाद रायबरेली में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता तथा उसके वकील की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। लखनऊ में ट्रामा सेंटर (Trauma Centre) के साथ ही उन्नाव में माखी गांव में इन दोनों के घर पर अब पीएसी के साथ सीआरपीएफ (CRPF) का पहरा लगा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के गुरुवार को पीड़िता और उसके घायल वकील सहित उनके परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा दिए जाने के निर्देश के बाद रात में ही दोनों के घरों पर सीआरपीएफ का पहरा लग दिया गया था। लखनऊ ट्रामा सेंटर में भी पुलिस को हटाकर सीआरपीएफ की तैनात कर दी गई है। कई वर्ष से पीड़िता के परिवार से दूर बांगरमऊ (Bangarmau) में रह रहे पीडि़ता के ताऊ गुड्डू सिंह की पत्नी की सुरक्षा में भी सीआरपीएफ के तीन जवानों को तैनात किया गया है।

CBI officers

पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में किया जाएगा ट्रांसफर-

उन्नाव बलात्कार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रेप पीड़िता के चाचा को तुरंत रायबरेली जेल से तिहाड़ जेल ट्रांसफर करने का आदेश दे दिया है। वहीं उन्नाव बलात्कार पीड़िता का परिवार उसे लखनऊ से एम्स स्थानांतरित करने पर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने आगे कहा कि कोई भी मीडिया हाउस प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष तौर पर अथवा किसी भी तरीके से उन्नाव बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर नहीं करेगा।

उन्नाव रेप पीड़िता के सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। इस मामले को लेकर सीबीआई की टीम गुरुवार को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंची। केजीएमयू में करीब दो घंटे रही जांच टीम ने वहां क्रिटिकल केयर यूनिट में जाकर पहले पीड़िता और उसके वकील के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। वहीं शुक्रवार को सीबीआई की कोर्ट में ट्रक ड्राइवर व क्लीनर की पेशी होगी। ट्रक के मालिक से गुरुवार को सीबीआई की टीम ने करीब पांच घंटा तक रायबरेली व फतेहपुर में पूछताछ की थी।

BJP
Show More
Abhishek Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned