अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पर अयोध्या के संतों का बड़ा आरोप

अयोध्या के संतों का आरोप अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी सपा के एजेंट के रूप में देश के हिंदुओं को बांटने का कर रहे हैं काम

By: Satya Prakash

Updated: 19 Jan 2019, 08:11 PM IST

अयोध्या : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के राम मंदिर के बयान पर अयोध्या के संत मंत सहमत नहीं दिख रहे हैं अयोध्या के संतों के मुताबित देश में हिंदू जनमानस को संगठित करने का कार्य विश्व हिंदू परिषद व संघ केे लोगों कर रहे हैं वहीं अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण भी भारतीय जनताा पार्टी ही करा सकती है।

रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत कमल नयन दास ने कहा कि भाजपा आरएसएस विश्व हिंदू परिषद की मंशा पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। आज पूरे राष्ट्र में यह संघ की ही देन है कि ***** साधु समाज को इकट्ठा किया एक मंच पर लाएं हिंदुओं को संगठित किया हिंदुओं को अन्य धर्म मे जाने से रोक रहे हैं वहीं महंत कमल नयन दास ने नरेंद्र गिरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सपा के एजेंट हैं जो अखिलेश के साथ बैठकर उन्हीं की प्रशंसा करते हैं और दुर्भाग्य है कि हिंदुओं को इस तरह से बांटने का कार्य कर रहे हैं जो कि अच्छा नहीं है

वहीं दूसरी तरफ संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने भी नरेंद्र गिरी के बयान पर असहमत दिखाई। उन्होंने कहा कि भाजपा ही राम मंदिर का निर्माण करवाएगी। कन्हैया दास नर मोदी और योगी में भरोसा जताते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण सिर्फ भाजपा ही करवा सकती है। किसी और सरकार में राम मंदिर नहीं बन सकता। नहीं बताया कि अगर नरेंद्र गिरी किसी राजनीतिक पार्टी से प्रेरित होकर विश्व हिंदू परिषद व भाजपा पर उंगली उठा रहे हैं तो यह गलत है और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जल्दी होगा यह विश्वास है और विश्व हिंदू परिषद द्वारा तलाशी के पत्थरों से ही निर्माण कार्य किया जाएगा इस बात का कोई संदेह भी नहीं है। तथा नरेंद्र गिरी द्वारा लाखों साधु नागाओं को अयोध्या कुछ की बात पर बताया कि अयोध्या साधुओं की नगरी है यहां एक लाख नहीं एक करोड़ भी साधुओं को अयोध्या लाएंगे तो उनका स्वागत किया जाएगा

वहीं विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में देरी होने के कारण महंत नरेंद्र गिरी का आक्रोशित होना जायज है। जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा चल रहा है उससे संत आहत है और जल्द ही सुप्रीम कोर्ट से मुकदमें का निर्णय होना ही चाहिए। लेकिन विश्व हिंदू परिषद पर उठे सवाल पर कहा कि विश्व हिंदू परिषद का मंसा साफ है और लगातार 70 वर्षों से राम मंदिर निर्माण के प्रति संकल्पित कार्य कर रहा है और प्रयाग में होने वाले 16 वीं धर्म संसद में संतों द्वारा जो निर्णय लिया जाएगा उसका पालन की विश्व हिंदू परिषद करेगी

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