रामलला की शिफ्टिंग पर भी कोरोना का असर, शुरू हुआ अनुष्ठान, सीएम योगी के अयोध्या आने को लेकर बढ़ा सस्पेंस

- अयोध्या में आज से शुरू हुआ अनुष्ठान

- 25 मार्च को रामलला बुलेटप्रूफ मंदिर में होंगे शिफ्ट

- रास्ते का भी शुद्धिकरण

- 30 अप्रैल को हो सकता है भूमि पूजन

अयोध्या. अयोध्या में कोरोना वायरस का असर रामलला की शिफ्टिंग पर भी पड़ रहा है। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विराजमान रामलला को दूसरे बुलेटप्रूफ अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया जाना है। जिसको लेकर तेजी के साथ रामलला के गर्भ गृह के परिसर में काम शुरू हो चुका है। आज सुबह 7 बजे 15 से अधिक वैदिक विद्वान रामलला को शिफ्ट करने के लिए भूमि पूजन और अनुष्ठान कर रहे हैं। यह अनुष्ठान मात्र 2 दिन ही चलेगा। 25 मार्च की सुबह रामलला को नए अस्थाई भवन में सुबह 4 बजे शिफ्ट किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो अब मुख्यमंत्री के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीदें कम हैं। सिर्फ वैदिक विद्वानों के साथ ट्रस्ट के पदाधिकारी रामलला को आस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर देंगे।

कोरोनावायरस की वजह से तमाम रामललाग की शिफ्टिंग कार्यक्रमों को सीमित कर दिया गया है। अब साधारण तरीके से रामलला के शिफ्टिंग का कार्य होगा। रामलला की शिफ्टिंग करने वाले वैदिक विद्वान पंडित इंद्र देव मिश्रा ने बताया कि दो दिन अनुष्ठान पूजन के बाद 25 मार्च को सुबह रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस काम में 15 वैदिक विद्वान लगेंगे जो दिल्ली, प्रयागराज, काशी और अयोध्या के होंगे। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए फिलहाल ट्रस्ट के पदाधिकारियों का यह मानना है कि अब इस कार्यक्रम को सीमित किया जाए।

रास्ते का भी शुद्धिकरण

रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र ने बताया किसी भी नए मंदिर में भगवान को विराजमान कराने से पहले उसकी धर्म संगत मान्यताएं हैं। भगवान को विराजमान करने से पहले जमीन और मंदिर दोनों को पवित्र कराया जाएगा। 2 दिन का यह कार्यक्रम है। 23 और 24 मार्च को अनुष्ठान होगा और 25 मार्च की सुबह 4 बजे और रामलला नए मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। रामलला को शिफ्ट करने से पहले रास्ते का भी शुद्धिकरण होगा और वैदिक मंत्रोचार के साथ रामलला पुराने मंदिर से नए आस्था मंदिर में विराजमान होने के लिए निकलेंगे।

30 अप्रैल को हो सकता है भूमि पूजन

रामलला को शिफ्ट करने के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन का समतलीकरण शुरू हो जाएगा। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में भूमि पूजन भी किया जा सकता है। 4 अप्रैल को अयोध्या में आयोजित ट्रस्ट की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाना है।

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नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
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