श्रीराम की प्रतिमा लगाने के लिए 61 हेक्टेयर जमीन खरीदने को मिली शासन से अनुमति

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रामनगरी में मंदिर बनने को लेकर तैयारी जोरों से शुरु कर दी गई है।

अयोध्या. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रामनगरी में मंदिर बनने को लेकर तैयारी जोरों से शुरु कर दी गई है। भगवान श्रीराम की भव्‍य प्रतिमा के लिए जमीन खरीदने की स्वीकृति भी मिल गई है। किसानों से जमीन खरीदने के लिए राज्यपाल ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव को नामित किया है। मीरापुर द्वावा में लगभग 61 हेक्टेयर जमीन भगवान राम प्रतिमा के लिए खरीदी जानी है। प्रस्तावित जमीन हाईवे से नयाघाट क्षेत्र में स्थित है जिसपर भगवान राम की 251 मीटर लंबी मूर्ति बननी है। 50 मीटर पेडेस्टेल की ऊंचाई, 178 मीटर लंबी प्रतिमा एवं 23 मीटर मूर्ति की छतरी होगी।

यहां पर भगवान श्रीराम पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, इंटरप्रेटेशन सेंटर, लाइब्रेरी, पार्किंग, फूड प्लाजा, लैंडस्केप‍िंंग समेत पर्यटकों के लिए अन्य आकर्षण होंगे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने बताया कि अगले सप्ताह से जमीन की खरीद शुरू हो जाएगी। शासन से क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी नामित किए जाने का पत्र जिलाधिकारी अनुज कुमार झा को मिल गया। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी को जमीन खरीदने का पत्र भेज दिया है। तीन सौ से ज्यादा किसानों से जमीन की रजिस्ट्री पर्यटन विभाग के नाम से कराई जानी है।

अयोध्या के आसपास जमीन खरीदने पर अघोषित रोक

वहीं आमजन के लिये रामनगरी के आसपास की भूमि खरीदने पर रोक है। एक हजार वर्ग गज से अधिक जमीन नहीं खरीदी जा सकती। लगभग 25 फीसद राजस्व की गिरावट अक्टूबर महीने में उप निबंधक कार्यालय (सदर) में आई है। हालांकि, जमीन खरीदने पर लगी रोक अघोषित है, जो अक्टूबर से ही प्रभावी है। वैसे, इस मुद्दे की आधिकारिक तौर पर कोई अफसर पुष्टि करने को तैयार नहीं लेकिन, राजस्व में आई गिरावट इसकी तस्दीक करने के लिए काफी है। जिला निबंधक और एडीएम (वित्त एवं राजस्व) गोरेलाल शुक्ल भी ऐसी किसी रोक से इंकार करते हैं। राजस्व में उतार-चढ़ाव को वह नई बात नहीं मानते। बड़ी रजिस्ट्री होने पर इसकी भरपाई हो जाने की उम्मीद जता रहे हैं। कहते हैं कि एयरपोर्ट के लिए खरीदी जाने वाली जमीन से राजस्व में गिरावट की भरपाई हो जाएगी।

योगी सरकार कराएगी नए तरीके से अधिग्रहीत जमीन की पैमाइश

अयोध्या के जिला प्रशासन ने रामजन्मभूमि साइट पर अधिग्रहीत जमीन की फिर से सीमांकन की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन से पहले स्थानीय प्रशासन ने अधिक स्पष्टता के लिए अधिग्रहीत जमीन की माप लेने के लिए कहा है। अयोध्या कमिश्नर मनोज मिश्रा ने सीमांकन प्रक्रिया का खुलासा करने से इनकार कर लिया लेकिन उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की जरूरत के हिसाब से ही अधिग्रहीत जमीन की पैमाइश की जाएगी।

आकांक्षा सिंह
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