
अयोध्या : 5 जुलाई साल 2005 में आध्या के विवादित परिसर के मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर में विराजमान रामलला पर फिदायीन हमला करने इस साजिश रचने वाले चार आतंकियों की सजा पर मंगलवार को फैसला आ सकता है | जिला न्यायालय इलाहाबाद में इस मामले में आरोपी बनाए गए अभियुक्तों में मोहम्मद शकील, मोहम्मद अजीज ,मोहम्मद नसीम ,आसिफ इकबाल उर्फ़ फारुख और डॉ इरफान को गिरफ्तार किया था | इन सब ने मिलकर इस पूरे हमले की साजिश रची थी और हमले के लिए हथियार इकट्ठा किए थे | जिला कोर्ट प्रयागराज आज दोपहर दो बजे के बाद सुनायेगी फैसला, इस मामले में नैनी सेन्ट्रल जेल में गठित स्पेशल कोर्ट सुनायेगी फैसला, स्पेशल जज एससी-एसटी दिनेश चन्द्र की कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई है | सुरक्षा के मद्देनजर नैनी सेन्ट्रल जेल में हो रही थी मामले की सुनवाई,इस फिदायीन हमले में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ के दौरान पांच आतंकी मौके पर ही मारे गए थे | जबकि बम धमाके और गोली लगने से दो आम नागरिकों की भी मौत हुई थी | इसके अलावा 7 और लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए थे | करीब 14 साल के लंबे इंतजार के बाद अब वक्त आ रहा है जब रामलला के गुनाहगारों को सजा मिलने जा रही है |
5 जुलाई 2005 को अयोध्या में रामजन्मभूमि विवादित परिसर में हुआ था आतंकी हमला
अयोध्या के साधु-संतों ने उम्मीद जताई है कि मंगलवार को इन सभी दोषियों को न्यायालय कड़ी से कड़ी सजा देगी | अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा कि जिस स्थान पर हमला हुआ उस स्थान से उनका आश्रम कुल 50 मीटर की दूरी पर है | जो कुछ हुआ उस घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं ,जिस तरह की साजिश अयोध्या के खिलाफ की गई उसके लिए देश के गद्दारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए | आंजनेय अन्य सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने कहा कि इस तरह के हमले ने अयोध्या की संस्कृति को यहां के आपसी प्रेम भाईचारे को चोट पहुंचाने का काम किया था | अदालत को दोषियों को ऐसी सजा देनी चाहिए जिससे दोबारा इस तरह की घटना ना हो |
अयोध्या के संतों ने जताया विश्वाश न्यायालय दोषियों को देगी कड़ी सज़ा
राम जन्म भूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि रामलला पर आतंकी हमला करने वाले आतंकियों को किसी भी तरह की कोई राहत नहीं मिलनी चाहिए | इस घटना ने ना सिर्फ अयोध्या में दहशत फैलाई थी बल्कि पूरे देश में एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा करने की कोशिश की थी | हमें विश्वास है कि माननीय न्यायालय दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देगा | बता दें कि 5 जुलाई साल 2005 को अयोध्या में राम जन्मभूमि विवादित परिसर के करीब पांच आतंकियों ने फिदायीन हमला किया था लेकिन सुरक्षाबलों ने इस हमले को नाकाम कर दिया था | इस वारदात में सभी पाँचों आतंकी मारे गए थे लेकिन उस से पहले उन्होंने बम धमाका कर काफी दहशत फैलाई थी |
Published on:
18 Jun 2019 09:39 am
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