अखिलेश यादव ने पार्टी के बड़े नेता से छीनी यह कुर्सी, अब इस बाहुबली व पूर्व मंत्री को सौंपी अहम जिम्मेदारी

समाजवादी पार्टी में गुटबंदी पर काबू पाने और संगठन को मजबूत बनाने की कवायद में जुटे अखिलेश यादव

By: Hariom Dwivedi

Published: 01 Mar 2020, 12:29 PM IST

आजमगढ़. समाजवादी पार्टी में गुटबंदी पर काबू और संगठन को मजबूत बनाने की कवायद में जुटे पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव को बड़ा झटका देते हुए उनसे अपने प्रतिनिधि की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी अपने करीबी पूर्व मंत्री बाहुबली दुर्गा प्रसाद यादव को सौंपी है। अखिलेश यादव का यह फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ संसदीय सीट से सांसद चुने गए थे। उन्होंने पूर्व जिलाध्यक्ष रामदर्शन यादव को अपना प्रतिनिधि बनाया था। वर्ष 2016 में सपा कुनबे में विवाद के बाद जब शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया का गठन किया तो राम दर्शन यादव उनके साथ चले गए। फिर मुलायम सिंह ने अपने प्रतिनिधि की जिम्मेदारी निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव को दी थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव आजमगढ़ संसदीय सीट से सांसद चुने गए, लेकिन महीनों तक उन्होंने किसी को अपना प्रतिनिधि नहीं बनाया। पिछले वर्ष जिला योजना की बैठक के ठीक पहले अखिलेश यादव ने भी हवलदार यादव को अपना प्रतिनिधि बनाया था। अब यह जिम्मेदारी अखिलेश यादव ने हवलदार के बजाय बाहुबली दुर्गा प्रसाद यादव को दे दी है। एक बार फिर सपा का जिलाध्यक्ष बनने का ख्वाब देख रहे हवलदार यादव के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव ने यह फैसला पार्टी की गुटबंदी कम करने के लिए लिया है। कारण कि पिछले लंबे समय से पूर्व मंत्री बलराम यादव और हवलदार यादव गुट एक दूसरे को मात देने की कोशिश में जुटा है।

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