पहले बिजली का बिल बढ़ा कर भेजता और फिर कम कराने के लिए लेता था रिश्वत

पहले बिजली का बिल बढ़ा कर भेजता और फिर कम कराने के लिए लेता था रिश्वत
Arrested JE

Devesh Singh | Publish: Jul, 26 2019 08:23:59 PM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

विद्युत विभाग का जेई पांच हजार घूस लेते गिरफ्तार, एंटी करेप्शन टीम ने की कार्रवाई

रिपोर्ट:-रणविजय सिंह
आजमगढ़। पहले विद्युत बिल बढ़ाकर भेजने फिर कम करने के नाम पर धन उगाही करने वाले अवर अभियंता को शुक्रवार को एंटी करेप्शन विभाग की टीम ने रंगे हाथ घूस लेते दबोच लिया। आरोपी को जेल भेजने की कवायद चल रही है।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अमुवारी नारायणपुर गांव में स्थित विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता छोटे लाल पर लगातार अवैध धन वसूली के आरोप लग रहे थे लेकिन विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी।

स्थानीय लोगो की माने तो अवर अभियंता साजिश के तहत उपभोक्ताओं को विद्युत बिल बढ़ाकर भेजता था फिर संधोशन के नाम पर खुलेआम धन उगाही करता था। इसी तरह अवर अभियंता छोटेलाल ने जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अमुवारी नारायणपुर टेकनगाढ़ा गांव निवासी जगपत पुत्र स्व. रघुनाथ का विद्युत कनेक्शन संख्या एजेड 24125172787 को 24 हजार के बिल को अपने आईडी का दुरूपयोग करते हुए बढ़ाकर एक लाख 58 हजार चार सौ 62 रूपये कर दिया। जिसके संशोधन के नाम पर 15 हजार रूपये की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दे रहा था।
मजबूर पीड़ित ने जेई को दस हजार रूपये देकर बिल जमा करने के लिए कुछ महीनों का समय मांगा। इसके बाद सामाजिक संगठन प्रयास से संपर्क किया। प्रयास अध्यक्ष रणजीत सिंह ने पीड़ित को आश्वस्त करते हुए जेई को शेष 5 हजार रूपया देने के लिए 26 जुलाई को आने को कहा।
इस दौरान पूरे मामले से एंटी करप्शन विभाग गोरखपुर को अवगत करा दिया गया। शुक्रवार की सुबह एंटी करप्शन टीम आजमगढ़ पहुंची और जिलाधिकारी से अनुमति लिया। डीएम ने अनुमति देने के साथ ही पीडब्लूडी के वरिष्ठ सहायक पवन श्रीवास्तव व सीएमओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक मनोज कुमार यादव को गवाह के रूप में टीम के साथ भेजा

टीम ने पीड़ित जगपत को समझाकर केमिकल युक्त 5 हजार रूपये अवर अभियंता को देने के लिए दिया। जिसके बाद जगपत ने जैसे ही पांच हजार रूपया अवर अभियंता छोटेलाल का थमाया और विद्युत बिल में संशोधन के लिए जेई ने हामी भरी तत्काल एंटी टीम के प्रभारी डीपी रावत व अन्य सदस्यों ने उसे दबोच लिया। एंटी करप्शन टीम उसे जीयनपुर थाने लायी और कानूनी कार्रवाई में जुटी गयी। एंटी करप्शन टीम में प्रभारी डीपी रावत, इंस्पेक्टर रामधारी, चंद्रेश यादव, एके सिंह, शैलेन्द्र राय, चन्द्रभान मिश्रा शामिल थे।

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