सीएमओ कार्यालय का लिपिक 5 हजार रूपये घूस लेते गिरफ्तार

गोरखुपर एंटी करेप्शन विभाग की टीम ने शिकायत के बाद की कार्रवाई

कोतवाली में घंटों पूछताछ के बाद आरोपी लिपिक को अपने साथ ले गयी टीम

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर लगाग के लाख दावे किये जाये लेकिन घूसखोरी कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक व्यक्ति की शिकायत पर सोमवार को गोरखपुर विजलेंस की टीम ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक को नर्सिंग होम के नवीनीकरण के नाम पर पांच हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। रिश्वतखोर बाबू की गिरफ्तारी के बाद कार्यलय के अन्य कर्मचारी उसके समर्थन में खड़े हो गये। बहरहाल विजलेंस टीम बाबू को किसी तरह कोतवाली ले आयी और विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अपने साथ ले गयी।

तरवां थाना क्षेत्र के रहने वाले डा. मनोज कुमार श्रीवास्तव का तरवां बाजार में निजी अस्पताल है। इस अस्पताल का आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने बाद प्रमाण पत्र लेने जब वह सीएमओ कार्यालय में पहुंचे तो वहां पर तैनात लिपिक आरके सिंह ने पांच हजार रूपये की मांग की। इसके बाद डा. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाली गैर राजनीतिक संगठन प्रयास से संपर्क किया। प्रयास अध्यक्ष रणजीत सिंह एवं डा. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बीते शुक्रवार को गोरखपुर स्थित एंटी करप्शन कार्यालय पहुंचकर टीम को पूरी जानकारी दी।

एंटी करप्शन टीम ने रिश्वतखोर लिपिक को पकड़ने के लिए 22 फरवरी का दिन निर्धारित किया। तय समय के मुताबिक एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक रामधारी मिश्रा अपनी टीम के साथ जिलाधिकारी से मिलने के बाद दो सरकारी गवाहों को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे। जहां पर डा. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने लिपिक आरके सिंह को पांच हजार रूपये पकड़ाया। लिपिक आरके सिंह ने जैसे रूपया लिया टीम ने उसे दबोच लिया।

लिपिक के गिरफ्तार होते ही सीएमओ कार्यालय में हड़कम्प मच गया। कर्मचारियों ने गिरफ्तारी का विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद किसी तरह एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम आरोपी को शहर कोतवाली ले आयी। यहां विधिक कार्रवाई के बाद लिपिक को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गयी।

विजलेंस के निरीक्षक रामधारी मिश्र ने बताया कि पीड़ित डाक्टर की शिकायत के बाद टीम यहां पहुंची और सरकारी गवाहो के साथ सीएमओ कार्यालय के लिपिक को रंगे हाथ पांच हजार रूपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।

BY Ran vijay singh

Show More
रफतउद्दीन फरीद
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned