सीएम योगी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में बड़ा घोटाला, रिपोर्ट तलब

सीएम योगी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में बड़ा घोटाला, रिपोर्ट तलब
प्रतीकात्मक फोटो

Mohd Rafatuddin Faridi | Updated: 14 Sep 2019, 07:35:42 AM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

जवाब तलब किये जाने के बाद विभाग में मचा है हड़कम्प।

आजमगढ़. सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गयी सदर तहसील के केरमा गांव में किसानों की भूमि बैनामा में भारी अनियमितता मिली है। यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने इसे गंभीरत से लेते हुए जिला प्रशासन से जवाब-तलब किया है। इसके बाद से ही विभाग में हड़कंप मचा है।


यूपीडा ने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि उक्त गांव में प्रकाशन व स्वीकृति से अधिक 0.144 हेक्टेयर भूमि प्रति हेक्टेयर 1.32 करोड़ रुपये की दर से 1,90,080 पर अनुमन्य स्टांप शुल्क 9,504 रुपये सहित कुल 1,99,544 रुपये का अधिक भुगतान का मामला प्रकाश में आया है। इसलिए भूमि क्रय से संबंधित यूपीडा द्वारा प्रदत्त अतिरिक्त स्वीकृत से संबंधित आदेश से क्रय की पुष्टि कराई जाए। पुष्टि के अभाव में 1,99,584 रुपये के लिए संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए वसूली कराई जाए।


इस ममाले में जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि संबंधित आपत्तियों का निराकरण साक्ष्यों व अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अपनी स्पष्ट अनुपालन आख्या यूपीडा मुख्यालय को एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में मुख्य राजस्व अधिकारी हरीशंकर ने बताया कि संबंधित भूमि का प्रकाशन के अलावा भी यूपीडा के निर्देश पर बैनामा करा लिया जाता है। बाद में संशोधन पत्रावली भेजी जाती है। इस दौरान यूपीडा की आडिट टीम की तरफ से पूर्व के संशोधन अभिलेख में नहीं रहा होगा, जिसका सुधार का सूचना भेज दी जाएगी।


बता दें कि यूपीडा के मुख्य कार्यपालक ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (ग्रीन फील्ड) परियोजना के आय व व्यय में भिन्नता के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इसमें अगस्त 2019 तक आवंटित धनराशि 1288.56 करोड़ रुपये के सापेक्ष 1287.88 करोड़ रुपये व्यय किया गया। उसके बाद 0.87 करोड़ रुपये अवशेष रखा गया है। जबकि साथ में प्रेषित रूप पत्र एक में एक अप्रैल से 31 अगस्त तक की प्राप्ति 44,15,95,579 के सापेक्ष 44,45,69,177 रुपये व्यय करके 6726402 रुपये अवशेष रखा गया है, इसलिए दोनों विवरणों में अंतर है। 20 सितंबर तक संशोधित रूप पत्र एक व उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा गया है।

By Ran Vijay Singh

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