जहरीली शराब ने ली पिता की जान, अब बेटी की कैसे उठेगी डोली

आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र में हुए जहरीली शराब कांड ने कई परिवारों का सबकुछ छीन लिया। रामपुर गांव के एक युवती की 23 मई को शादी तय है लेकिन जहरीली शराब पीने से उसके पिता की मौत हो गयी। आर्थिक तंगी के शिकार इस परिवार के लिए अब बेटी की शादी मुश्किल हो गयी है। वहीं जिला प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय अब भी मौत पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. अंबेडकर नगर व आजमगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र में हुए जहरीली शराब कांड ने सिर्फ लोगों की जिंदगी ही नहीं छीनी बल्कि कई गरीबों के अरमानों पर भी पानी फेर दिया। शराब से मरने वाले ज्यादातर ऐसे गरीब है जो हर दिन कुंआ खोदते थे और पानी पीते थे। यानि अगर मजदूरी न मिले तो घर का चुल्हा नहीं जलता था। ऐसे ही एक गरीब ने 23 मई को अपनी बेटी की शादी तय कर रखी थी लेकिन शराब की लत ने उसकी जिंदगी छीन ली। बेटी की डोली उठाने का सपना देख रहे परिवार को मुखिया की अर्थी उठानी पड़ी। अब शादी टूटने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

बता दें कि आजमगढ़ अंबेडकर नगर बार्डर पर पवई थाना क्षेत्र के मित्तूपुर में हुए जहरीली शराब कांड में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। आधा दर्जन से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे है। कईयों के आंख की रोशनी चली गयी है। प्रशासन मृतकों के आश्रितों की सुध लेने के बजाय अपनी नाकामी छिपाने में जुटा है। एसपी द्वारा शराब कांड आजमगढ़ में न होने के विपरीत पवई क्षेत्र में भारी मात्रा में अधजले रैपर बरामद हुए है जिससे साफ है कि जहरीली शराब यहीं बनाई जा रही थी।

दूसरी तरफ मृतकों के घर कोहराम मचा हुआ है। क्षेत्र रामपुर गांव निवासी रामप्यारे पुत्र प्रभुु भी जहरीली शराब पीने के कारण असमय मौत का ग्रास बन गए। रामप्यारे की मौत से इस परिवार पर मानों पहाड़ टूट पड़ा है। कारण कि रामप्यारे मेंहनत मजदूरी कर परिवार चलाते थे। उन्होंने 23 मई को बेटी गोल्डी की शादी तय कर रखी थी। बारात अंबेडकर नगर से बरात आने वाली है।

रामप्यारे की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल चुकी हैं। ऐसे में पहले से गरीबी की मार झेल रही उनकी पत्नी शोभावती करेंगी भी क्या?। शोभावती ने बताया कि उनके पति ही घर में अकेले कमाने वाले थे। अवैध शराब के कारोबारियों ने उनकी जिदगी ले ली। उनके लिए तो गृहस्थी चलाना मुश्किल हो जाएगा। वह अब बिटिया के हाथ पीले कैसे करेंगी। मां को बिलखता देख गोल्डी ऐसे खामोश पड़ी थी, जैसे उसने जन्म लेकर कोई गुनाह कर दिया हो। आंसू तो उसकी आंखों से भी नहीं थम रहे थे, लेकिन वह बीच-बीच में खुद को संभालते हुए मां को चुप कराने का प्रयास कर रही थी। पास पड़ोस के लोग भी चिंतित हैं कि कहीं बेटी की शादी न टूट जाय।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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