इस बार चुनाव परिणाम के दिन रूझान के लिए करना होगा इंतजार, यह है वजह

इस बार चुनाव परिणाम के दिन रूझान के लिए करना होगा इंतजार, यह है वजह
लोकसभा चुनाव

Akhilesh Kumar Tripathi | Publish: May, 15 2019 08:05:08 PM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

एक टेबल पर एक गणना पर्यवेक्षक, एक गणना सहायक, एक गणना माइक्रोआब्जर्वर और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होंगे।

आजमगढ़. 17वीं लोकसभा के लिए छठवें चरण का मतदान सपन्न होने के बाद अब जिला प्रशासन मतगणना की तैयारी में जुट गया है। जिले की दो संसदीय क्षेत्रों में पड़े मतों की गणना दो स्थानों पर होगी। इसमें 68-लालगंज (सुरक्षित) संसदीय क्षेत्र की एफसीआइ चकवल और 69-आजमगढ़ सदर संसदीय क्षेत्र की मतगणना एफसीआइ बेलइसा में होगी। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार इस बार राउंडवार मतगणना को सुविधा ’एप’ पर अपलोड किया जाएगा जिससे की मिलान हो सके। उसके बाद प्रेक्षक और आरओ का हस्ताक्षर होगा, तब मीडिया के लिए जारी किया जाएगा। इस बार के मतगणना में यह भी खास है कि मतदाता या आमजन भी अपने मोबाइल पर परिणाम देख सकेंगे। इसके लिए वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ’एप’ लांच किया गया है। बस जरूरत है, उसके गूगल से मोबाइल में अपलोड करने की।

जिले की दो संसदीय क्षेत्रों में पड़े वोटों की गणना दो स्थानों पर की जानी है। दोनों लोकसभा क्षेत्रों में पांच-पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इसलिए प्रत्येक विधानसभावार मतगणना के लिए कुल 15 टेबल लगाई जाएंगी। इसमें एक रिटर्निंग अफसर के अलावा 14 मतगणना कार्मिकों के लिए होगी। एक टेबल पर एक गणना पर्यवेक्षक, एक गणना सहायक, एक गणना माइक्रोआब्जर्वर और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होंगे। इस प्रकार 14 टेबल के अनुसार कुल 560 मतगणना कार्मिक लगेंगे। इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन रिजर्व मतगणना पार्टियां रहेंगी।

 

पांच-पांच टीमें करेंगी सर्विस मतों की गणना
आजमगढ़ जिले के दोनों संसदीय क्षेत्रों में मतों की गणना 23 मई को चकवल व बेलइसा एफसीआइ में होगी। इसके अलावा सर्विस (सेना के जवान) और पोस्टल बैलेट की मतगणना सबसे पहले होगी। इसके लिए अलग से टेबल लगाए जाएंगे। दोनों लोकसभा क्षेत्र में पांच-पांच टीमों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसमें एक टीम में एक पर्यवेक्षक और एक सहायक गणक होंगे। मतदान से पूर्व सुविधा एप पर परिणाम अपलोड करने वाले और ईटीपीबीएस प्रक्रिया से आए मतों की गणना कर्मचारियों को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा।


ईटीपीबीएस प्रक्रिया से आए मतों के लिए प्रति 500 सर्विस मतों के हिसाब से कुल 11 क्यूआर स्कैनर लगाए जाएंगे। घोषणा पत्र सहित लिफाफों पर क्यूआर कोड (क्विक रिस्पांस कोड) अंकित होगा। मतगणना के समय सर्व प्रथम इसी क्यूआर कोड की स्कैनिग की जाएगी। क्यूआर कोड से मैच करने के बाद ही उसकी गणना होगी। मैच न करने की स्थिति में उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।

 

BY- RANVIJAY SINGH

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