स्ट्रांग रूम की निगरानी कर रहे दलों के एजेंट, सता रहा गड़बड़ी का डर

गठबंधन व कांग्रेस के प्रत्याशियों द्वारा प्रश

By: Ashish Shukla

Published: 21 May 2019, 06:21 PM IST

आजमगढ़. 17वीं लोकसभा के लिए आम चुनाव 19 मई को समाप्त हो गया। ईवीएम व वीवीपैट स्ट्रांग रूम में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रख दिए गए हैं। छह चरण के चुनाव के बाद अभी तक किसी भी जिले से ईवीएम के इधर-उधर किए जाने की कोई शिकायत नहीं मिली थी। लेकिन सोमवार को पूर्वांचल के कई जिलों में गठबंधन व कांग्रेस के प्रत्याशियों द्वारा प्रशासन पर ईवीएम को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के बाद हेराफेरी का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया गया।

हालांकि आजमगढ़ जिले की दोनों संसदीय क्षेत्र के मतगणना स्थल के स्ट्रांग रूम में रखे ईवीएम व वीवीपैट की सुरक्षा को लेकर अभी तक किसी भी राजनीतिक पार्टी द्वारा ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया गया है। यह अलग बात है कि सभी प्रमुख दलों के नामित एजेंटों द्वारा समय-समय पर रखवाली की जा रही है। रिटर्निंग अफसर की तरफ से रखवाली के लिए अनुमति प्रदान की गई है।

जिले की दो संसदीय क्षेत्र 68-लालगंज (सुरक्षित) सीट के पांच विधानसभा में पड़े मतों के ईवीएम व वीवीपैट एफसीआइ चकवल और 69-आजमगढ़ सदर संसदीय सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम व वीवीपैट एफसीआइ बेलइसा के स्ट्रांग रूम में रखे गए हैं। लालगंज संसदीय क्षेत्र के प्रमुख दल भाजपा, बसपा, कांग्रेस और भाकपा और आजमगढ़ में भाजपा और सपा प्रत्याशियों की तरफ से स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए एजेंट नामित किए गए हैं। इन एजेंटों द्वारा दिन में किसी भी समय बाहर से निगरानी रखी जाती है। कोई स्थाई रूप से निगरानी की इनके द्वारा कोई व्यवस्था नहीं है।

लालगंज संसदीय क्षेत्र के आरओ डीएस उपाध्याय का कहना है कि लालगंज संसदीय क्षेत्र के चार प्रमुख दलों द्वारा स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए अलग से नामित एजेंट रखे गए हैं। संबंधित पार्टियों के नामित एजेंट को पास जारी किया गया है। इनके द्वारा समय-समय पर बाहर से देख-रेख की जाती है। कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र में भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

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