21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ठाकुर ने चली ऐसी चाल कि चारों खाने चित्त हो गई योगी की पुलिस और विरोधी

कल तक मनोज की गिरफ्तारी के लिए उनके घर पर छापेमारी करने वाली पुलिस अब 16 अक्टूबर को ठाकुर की सुरक्षा में नजर आएगी

2 min read
Google source verification
thakur manoj singh

ठाकुर ने चली ऐसी चाल कि चारों खाने चित्त हो गई योगी की पुलिस

आजमगढ़. पुलिस के खौफ से दो महीने तक ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी से वंचित रहे। ठाकुर मनोज सिंह ने ऐसी चाल चली की पुलिस भी चारों खाने चित हो गई। कल तक मनोज की गिरफ्तारी के लिए उनके घर पर छापेमारी करने वाली पुलिस अब 16 अक्टूबर को ठाकुर की सुरक्षा में नजर आएगी।

ठाकुर मनोज अब दो बार की तरह शपथ ग्रहण समारोह छोड़कर भागना नहीं होगी बल्कि अब वे पूरे ठाठ के साथ शपथ ले सकेंगे।

बता दें कि, ब्लॉक प्रमुख सौरभ सिंह के निधन के बाद अगस्त माह में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए उपचुनाव हुआ था। चुनाव में ठाकुर मनोज ने स्व. सौरभ सिंह के भाई गौरव को पराजित कर कुर्सी हासिल की, लेकिन शपथ ग्रहण आज तक नहीं कर सके।

पिछले दिनों प्रशासन ने दो बार शपथ ग्रहण के लिए तिथि का निर्धारण किया। लेकिन नान वेलेबुल वारंट के कारण ठाकुर मनोज शपथ ग्रहण करने नहीं पहुंचे। कारण कि उन्हें गिरफ्तारी का डर था।

सूत्रों की माने तो प्रशासन और पुलिस उनके शपथ ग्रहण में रोड़ा ने बने इसके लिए ठाकुर मनोज ने सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली थी और वहां से उनके हक में फैसला भी हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक सप्ताह तक ठाकुर
मनोज की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया है।

जिलाधिकारी द्वारा शपथ ग्रहण के लिए 16 अक्टूबर को अपरान्ह एक बजे की तिथि की निर्धारित की गई है। उप जिलाधिकारी मार्टिनगंज आशाराम यादव को इसे लिए नामित किया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार पुलिस ठाकुर को गिरफ्तार नहीं कर सकती और वह आसानी से इस बार कुर्सी हासिल कर लेगें।

यह भी पढ़े-

वहीं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकाय चुनाव को लेकर आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करने के बाद भदोही जनपद सात निकायों में छह निकायों को आरक्षित किये जाने के बाद कई चुनाव की तैयारी में जुटे कई दिग्गजो को झटका लगा है। सात में सिर्फ एक निकाय को छोड़ सभी छह निकायों को पिछड़ा, पिछड़ा वर्ग महिला व अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। आरक्षण की ताजा स्थिति के बाद अब मैदान में नए समीकरण बनने के साथ चुनावी मैदान में नए चेहरों द्वारा प्रचार का सिलसिला शुरू हो गया है।

input- रणविजय सिंह