अस्पताल में तड़प-तड़प कर मर गया युवक, मौत के बाद जागे डॉक्टर

अस्पताल में तड़प-तड़प कर मर गया युवक, मौत के बाद जागे डॉक्टर

Akhilesh Kumar Tripathi | Publish: Sep, 11 2018 09:04:56 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता हुई उजागर

आजमगढ़. जिला अस्पताल में इलाज के लिए आया 38 वर्षीय अज्ञात युवक दो दिनों तक अस्पताल परिसर में लावारिस पड़ा रहा। इस दौरान चिकित्सकों ने न तो उसकी कराह सुनी और ना ही किसी कर्मचारी को उस पर रहम आया। जमीन पर पड़े युवक ने आखिरकार तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। जब इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को हुई तो हाथ पांव फूलने लगे। बात बाहर तक नहीं पहुंचे इसलिए युवक की मौत के बाद उसे इमरजेंसी में ले जाया गया और मृत घोषित कर दिया गया।

बता दें कि जिला अस्पताल में दो दिन पूर्व 38 वर्षीय अज्ञात युवक इलाज के लिए आया लेकिन उसका इलाज शुरू नहीं हो सका। अस्पताल परिसर में बेदम पड़ा युवक इलाज के आभाव में तड़पता रहा लेकिन संवेदनहीन अस्पताल प्रशासन की नजर उस पर नहीं पड़ी।

मंगलवार को दिन में उपचार के अभाव में युवक ने दम तोड़ दिया। इस बात की जानकारी जब अस्पताल प्रशासन को हुई तो स्वास्थ्यकर्मी पास पहुंचे। कुछ स्वास्थ्यकर्मी उसे भर्ती कराने के इरादे से अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। काफी प्रयास के बाद भी मृतक की शिनाख्त संभव नहीं हो सकी।

 

पेड़ से लटकता मिला युवक का शव
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बरवां गांव में एक युवक का शव पेड़ से लटकता पाया गया। घटना की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार गांव के कुछ लड़के सुबह बाहर जा रहे थे कि खेत में एक पेड़ से शव लटकता हुआ देखा।

उन्होंने शोर मचाकर लोगों को मौके पर बुला लिया। शव को नजदीक से देखने के बाद पता चला कि वह दशरथ राम 45 पुत्र छेदन राम है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रधान को दी। प्रधान मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर आई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

दशरथ राम के 5 बच्चे बताये गये है। पति की मौत के बाद पत्नी सुनीता का रो रोकर बुरा हाल है। दशरथ अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बड़े भाई श्याम नारायण की पहले ही मौत हो चुकी है। छोटा भाई गोविंद दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहता है।

 

BY- RANVIJAY SINGH

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