आखिर ऐसा हुआ क्या कि अधिकारियों में मचा हडक़ंप

आखिर ऐसा हुआ क्या कि अधिकारियों में मचा हडक़ंप
आखिर ऐसा हुआ क्या कि अधिकारियों में मचा हडक़ंप

Ramakant Dadhich | Updated: 21 Sep 2019, 11:13:58 PM (IST) Bagru, Jaipur, Rajasthan, India

जलापूर्ति योजना के विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करवाने को उच्च अधिकारियों ने अधिशासी अधिकारी की राजकार्य में लापरवाही मानी है।

चौमूं. नगरपालिका चौमंू की ओर से जलापूर्ति योजना के विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करवाने को उच्च अधिकारियों ने अधिशासी अधिकारी की राजकार्य में लापरवाही मानी है। इसे लेकर स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव ने राज्य के आठ शहरों में जल वितरण व्यवस्था संभालने वाली नगरपरिषद व नगरपालिका के ईओ, आयुक्तों एवं संबंधित क्षेत्रीय उपनिदेशक की 30 सितम्बर को बैठक बुलाई है। निदेशक उज्जवल राठौड़ ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों को बैठक में शामिल होने के आदेश दिए हैं।
जानकार सूत्रों के अनुसार प्रदेश में बूंदी, जैसलमेर, नागौर, श्रीगंगानगर, करौली, नाथद्वारा, नोखा एवं चौमूं नगरपालिका, नगरपरिषद के माध्यम से जल योजना संचालित की जा रही है। चौमूं नगरपालिका क्षेत्र में भी जेडीए की पेयजल परियोजना के तहत जलापूर्ति के लिए कालाडेरा क्षेत्र के गुवारड़ी गांव में 14 ट्यूबवैल चालू हैं और एक पम्पहाउस बना हुआ है। मार्च, 2019 तक ट्यूबवैल एवं पम्पहाउस के विद्युत बिलों को जमा करवाया जा रहा था, लेकिन अप्रेल, 2019 से विद्युत बिल जमा नहीं करवाए गए। जिसके चलते बिलों की राशि बढ़ती गई। विद्युत निगम ने कई बार अधिशासी अधिकारी को पत्र भी लिखे, लेकिन संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया गया, जिसके चलते बकाया राशि करीब 48 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। इसको लेकर 26 अगस्त को विद्युत निगम कालाडेरा के सहायक अभियंता के निर्देश पर गुवारड़ी में लगे नलकूपों के 14 कनेक्शन एवं पम्पहाउस का कनेक्शन विच्छेद कर दिया गया था।

पत्रिका के प्रयासों से जुड़े थे कनेक्शन
जैसे ही राजस्थान पत्रिका को मामले की जानकारी मिली तो नगरपालिका की ईओ से फोन पर सम्पर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया। इस पर स्थानीय निकाय विभाग जयपुर की क्षेत्रीय उप निदेशक रेणु खंडेलवाल को मामले की जानकारी दी तो उप निदेशक ने मामला आम जनता से जुड़ा होने के कारण तुरंत संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर नगरपालिका प्रशासन को तीन दिन में बकाया बिलों की राशि जमा करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद विद्युत निगम के अधिकारियों ने 26 अगस्त की शाम को ट्यूबवैलों एवं पम्पहाउस के कनेक्शन दुबारा जोड़े, लेकिन करीब पांच घंटे तक ट्यूबवैल नहीं चलने के कारण २७ अगस्त को शहर के विभिन्न हिस्सों की जलापूर्ति प्रभावित हुई।

पत्रिका की खबर बनी आधार
निदेशक राठौड़ ने शुक्रवार को जारी आदेश में बताया है कि राजस्थान पत्रिका के 27 अगस्त 2019 के अंक में चौमूं नगर पालिका से जुड़ा ‘48 लाख जमा नहीं, काटे 15 कनेक्शन’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था कि नगर पालिका चौमूं द्वारा जलापूर्ति योजना में विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करवाने के कारण विद्युत कनेक्शन काट दिए गए थे। इस कारण चौमूं में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। इस प्रकरण की जांच में उच्च अधिकारियों ने अधिशासी अधिकारी की राजकार्य में लापरवाही को गंभीरता से लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन सचिव की अध्यक्षता में निदेशालय में 30 सितम्बर को सुबह 11 बजे बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में बूंदी, जैसलमेर, नागौर, श्रीगंगानगर, करौली, नाथद्वारा, नोखा एवं चौमूं नगरपालिका, नगरपरिषद के ईओ, आयुक्तों एवं संबंधित क्षेत्रीय उपनिदेशक शामिल होंगे। इससे पहले निदेशक राठौड़ की ओर से इस प्रकरण में अधिशासी अधिकारी चौमूं सरिता बड़ेसरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned