शासकीय राशन गेहूं की अफरा-तफरी के मामले में 4 लोगों को कलेक्टर ने भेजा जेल

चोर बाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम 1980 के तहत की कार्रवाई

By: mukesh yadav

Published: 03 Mar 2021, 08:00 PM IST

बालाघाट/वारासिवनी। शासकीय गोदाम से निकाल कर राशन दुकानों के स्थान पर निजी गोदाम में गेहूं के 300 बोरे पहुंच जाने के मामले में कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी दीपक आर्य ने तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए मामले में 4 लोगों क्रमश: नवीन बिसेन शाखा प्रबंधक मप्र स्टेट वेयर हाऊसिंग एंड लाजिस्टिक कार्पोरेशन वारासिवनी, रिकंज देशमुख केन्द्र प्रभारी नागरिक आपूर्ति निगम प्रदाय केन्द्र, ठेकेदार मो राजिक खान पिता मोहम्मद इजराईल खान वार्ड नम्बर 9 वारासिवनी एवं गोदाम मालिक लालू सोहाने को दोषी मानते 6 माह के लिए जेल भिजवा दिया हैं। कलेक्टर की इस कार्रवाई से जिलेभर में शासकीय अनाज खरीदने वाले काला बाजारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई हैं।
जानकारी देते हुए पुलिस थाना वारासिवनी के थाना प्रभारी नीरज मेडा ने बताया कि कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी दीपक आर्य के न्यायालय से इन चारों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग वारंट जारी हुए थे। जिसके आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें उपजेल वारा भेज दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि इन आरोपियों पर गरीबों को दिए जाने वाले गेहूॅ की हेराफेरी करने का आरोप हैं। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी की रात्रि में मुखबिर की सूचना पर गंगोत्री कालोनी में स्थित एक गोदाम पर दबिश देकर ट्रक क्रमांक सीजी 04 जेड सी 6145 को रात के अंधेरे में गंगोत्री कालोनी के एक गोदाम में राशन का गेहूॅ खाली करते हुए जब्त किया गया था। इस ट्रक से सरकारी अनाज गेहूॅ की लगभग 140 बोरियां खाली कर दी गयी थी। वहीं ट्रक के अंदर लगभग 160 बोरी रखी हुई थी। कार्रवाई के दौरान एसडीएम संदीप सिंह, तहसीलदार राजेन्द्र टेकाम व खाद्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। मामले में आवश्यक कार्रवाई कर पंचनामा बनाकर गोदाम को सील कर दिया गया था। यह गोदाम लालू सोहाने का था और ट्रक मोहम्मद राजिक खान पिता मोहम्मद इजराईल खान था। पूरे मामले की जांच जिला आपूर्ति अधिकारी बालाघाट द्वारा करने के बाद 28 फरवरी 21 को कर अपना जांच प्रतिवेदन कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी बालाघाट के समक्ष पेश किया गया। प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर न्यायालय के राजस्व प्रकरण क्रमांक 0037 बी.121 वर्ष 2020-21 में आदेश पारित करते हुए उक्त चारों को दोषी मानते हुए चोर बाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम 1980 की धारा 3/1 एवं सहपठित धारा 3(2) के तहत 6 माह के लिए जेल भेजने के आदेश पारित किया हैं।
मेडा ने बताया कि कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी दीपक आर्य के आदेश के परिपालन में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें उपजेल वारा भेज दिया गया हैं।

mukesh yadav Reporting
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