कोरोना विस्फोट-76 पॉजिटिव मरीज मिले, एक की मृत्यु, बंदिशे जारी

एक्टिव मरीजों की संख्या हुई 276, कारोना की रफ्तार रोकने दो गज दूरी, मास्क जरुरी

By: Bhaneshwar sakure

Published: 08 Apr 2021, 09:18 PM IST

बालाघाट. जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। इधर, कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र राज्य सहित अन्य प्रदेशों से लोगों का आना बदस्तूर जारी है। 7 अप्रैल को प्राप्त रिपोर्ट में जिले के 76 मरीजों के सेंपल कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस प्रकार जिले में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ कर 276 हो गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने बताया कि इस प्रकार बालाघाट जिले में 7 अप्रैल तक 3715 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 3420 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। 7 अप्रैल को 1 मरीज की मृत्यु हो गई है। इस प्रकार जिले मेें अब तक 19 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। कोरोना पॉजिटिव 276 मरीजों में से 217 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। 33 मरीजों को अस्पताल के आइसोलेशन बेड पर रखा गया है। 14 मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई वाले बेड पर रखा गया है और 13 मरीजों को आइसीयू में रखा गया है। बालाघाट जिले में 7 अप्रैल तक कोरोना टेस्ट के लिए 93860 सेंपल लिए जा चुके हैं।
कोरोना गाइड लाइन का नहीं किया पालन, अपराध दर्ज
कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। नगर पालिका परिषद बालाघाट के वार्ड नंबर २९ के प्रभारी योगेश पिता जगन्नाथ मस्की द्वारा इसकी शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार कोतवाली पुलिस ने वार्ड नंबर २९ जयप्रकाश कॉलोनी निवासी राधेश्याम पिता गोतु मेश्राम के खिलाफ धारा १८८, २६९, २७० भादवि, महामारी अधिनियम १८९७ की धारा ३, आपदा प्रबंधन अधिनियम २००५ की धारा ५१ (ख) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि राधेश्याम मेश्राम की पत्नी सुनीता मेश्राम कोरोना पॉजिटिव है। जिसके चलते परिवार के सभी सदस्यों को १४ दिनों के लिए होम क्वॉरंटीन किया गया है। वहीं सभी को कोविड गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन राधेश्याम मेश्राम द्वारा लगातार कोविड गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। जिसकी शिकायत विनय जायसवाल द्वारा की गई थी। जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
संक्रमण रोकने ग्राम स्तर पर समिति गठित
जिले में अन्य राज्यों से लोगों का निरंतर आवागमन होने के कारण जिले में कोविड-19 के संक्रमण का प्रसार तेजी से हो रहा है। कलेक्टर दीपक आर्य ने जिले में कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत प्रधान, संबंधित हल्का पटवारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और ग्राम कोटवार की समिति गठित कर दी है और उन्हें निर्देशित किया है कि वे ग्राम स्तर पर कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। ग्राम स्तर पर गठित इस समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह ग्राम में बाहर से आने वाले व्यक्तियों या परिवारों को सूचीबद्ध करें और कम से कम 5 दिनों के लिए उन्हें होम क्वॉरंटीन में रखना सुनिश्चित करें और उनके घर के बाहर निर्धारित प्रारूप में होम क्वॉरंटीन का पोस्टर चस्पा करें। होम क्वॉरंटीन किए गए लोगों में कोरोना के लक्षण नजर आने पर ग्राम की आशा कार्यकत्र्ता व स्वास्थ्य कार्यकत्र्ता के माध्यम से संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें। वैवाहिक या अन्य कार्यक्रम में अन्य राज्यों से आए व्यक्तियों के पास कोविड-१9 की आरटीपीसीआर रिपोर्ट हो, जो कि 72 घंटे से पुरानी न हो। ग्राम में किसी व्यक्ति के कोविड 19 पॉजिटिव पाए जाने पर सक्षम अधिकारी द्वारा उसे होम आइसोलेशन में रखे जाने का निर्णय लिया जाता है तो उसके घर के बाहर निर्धारित प्रारूप में होम आइसोलेशन का पोस्टर चस्पा करें तथा पॉजिटिव व्यक्ति व उसके प्रायमरी सम्पर्क में आए व्यक्तियों को कढ़ाई से होम आइसोलेशन में रखना सुनिश्चित करें।
आज शाम ६ बजे से लागू होगा लॉकडाउन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन जैसे उपाय अंतिम विकल्प हैं। यह अभूतपूर्व संकट है। कोरोना संक्रमण को रोकने और मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का कार्य निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट पार्क में पौधरोपण के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के सभी शहरों में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन करना आवश्यक हो रहा है। इस संबंध में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। सभी जिलों के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रूप को बैठक कर अपने जिलों के पेशेंट लोड और परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक और उपयुक्त निर्णय करने के लिए तत्काल बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए आवश्यक होने पर बड़े शहरों में कंटेनमेंट एरिया भी बनाए जाएंगे।
सीटी स्केन, चेस्ट जांच की अधिक शुल्क लेने पर होगी कार्रवाई
कोविड-19 काल में सर्दी, खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ होने पर अधिकांश व्यक्तियों की सीटी स्केन एवं चेस्ट जांच कराई जा रही है और प्रदेश में पंजीकृत डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा रोगियों से इन टेस्ट के लिए आवश्यकता से अधिक राशि लिए जाने की शिकायत मिलने पर राज्य शासन द्वारा निमोनिया या कोविड-19 के संभावित रोगियों की सीटी स्केन व चेस्ट जांच के लिए 3 हजार रुपए का शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर दीपक आर्य ने शुक्ला नर्सिंग होम एंड डायग्नोस्टिक सेंटर बालाघाट, मिताली मेटरनिटी एवं सर्जिकल नर्सिंग होम बालाघाट और हिलिंग टच डायग्नोस्टिक सेंटर आइटीआइ रोड बालाघाट के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे सर्दी, खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ होने और कोविड-19 के संभावित मरीजों से सीटी स्केन व चेस्ट जांच के लिए 3 हजार रुपए से अधिक का शुल्क न लें। रोगियों से 3 हजार रुपए से अधिक का शुल्क लिए जाने पर मध्यप्रदेश एपिडेमिक डिसीसेस कोविड-19 रेगुलेशन-2020 का उल्लंघन माना जाएगा और दोषी व्यक्ति को एक वर्ष के कठोर कारावास तथा जुर्माना या दोनो सजा से दंडित किया जा सकता है। यदि किसी भी रोगी की सीटी स्केन एवं चेस्ट जांच करने से इंकार किया जाता है और रोगी की मृत्यु हो जाती है तो दोषी व्यक्ति को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा हो सकती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने शुक्ला नर्सिंग होम एंड डायग्नोस्टिक सेंटर बालाघाट, मिताली मेटरनिटी एवं सर्जिकल नर्सिंग होम बालाघाट और हिलिंग टच डायग्नोस्टिक सेंटर आइटीआइ रोड बालाघाट के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे इन निर्देशों का कढ़ाई से पालन करें।

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