script तीन साल में छह बोर किए खनन, नहीं हुए सक्सेस | Drilled six boreholes in three years, no success | Patrika News

तीन साल में छह बोर किए खनन, नहीं हुए सक्सेस

locationबालाघाटPublished: Feb 05, 2024 10:28:47 pm

Submitted by:

mukesh yadav

ग्रामीणों को नल जल योजना से नहीं मिल रहा पानी
बैहर की कोहका पंचायत का मामला

तीन साल में छह बोर किए खनन, नहीं हुए सक्सेस
तीन साल में छह बोर किए खनन, नहीं हुए सक्सेस
बालाघाट/बैहर। जनपद बैहर के ग्राम कोहका में नल जल योजना के लिए तीन साल में छह बोर खनन किए गए। लेकिन एक भी सक्सेस नहीं हो पाए हंै। ऐसे में गांव के लोगों को पानी नहीं मिलने से उन्हें हैंडपंपों व कुएं का सहारा लेना पड़ रहा है। बताया गया कि वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत कोहका में जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी की समस्या को दूर करने नल जल योजना स्वीकृत की गई। पाइप लाइन बिछाने से लेकर नल कनेक्शन तक का कार्य पूरा हो चुका है, अब पानी टंकी भरने बोर सक्सेस होने का इंतजार है। लेकिन विभाग अन्यत्र जगह बोर खनन की दिशा में कोई प्रयास नहीं कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कोहका में गर्मी के दिनों में पानी की भीषण समस्या होने लगती है। पंचायत के कहने पर पीएचई विभाग ने नल जल योजना स्वीकृत की। वर्तमान में पानी टंकी पूरी तरह से बनकर तैयार है। ग्रामीणों के घरों में नल कनेक्शन भी कर दिए गए हैं, लेकिन पानी टंकी को भरने बोर सक्सेस नहीं हो पा रहे हंै। तीन साल के भीतर छह बोर खनन किए जा चुके हैं, जिनमें पानी टंकी को भरने लायक क्षमता वाला पानी नहीं निकल पा रहा है। इससे गांव के लोगों को गर्मी की तरह ठंड में भी परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि बोर खनन करने से पहले विशेषज्ञ से सर्वे करवा लेना चाहिए और फिर खनन करवाएं। लेकिन इस ओर अधिकारी गंभीर नहीं है।
कुछ दिनों तक मिला पानी
तीन साल के भीतर छह बोर खनन किए गए। उनमें से नल जल योजना की टेस्टिंग के बाद से करीब आठ से नौ माह तक आधी बस्ती को नल जल योजना से पानी मिलते रहा। लेकिन पिछले एक साल से टंकी नहीं भर पा रही है। ऐसे में पानी सप्लाई भी बंद हो गया है। बताया गया कि इस पंचायत में 15 वार्डों में करीब साढ़े आठ सौ मकान है इनमें 3640 परिवारों की आबादी निवासरत है। जिन्हें पानी की समस्या से नित्य जुझना पड़ रहा है।
वर्सन
हमारी जानकारी में है कि कोहका में नल जल योजना से अभी पानी लोगों को नहीं मिल रहा है। पानी टंकी को भरने के लिए वहां बोर खनन किए गए हैं, पर बोर सक्सेस नहीं होने से यह समस्या आ रही है।
बीएल उइके, सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बालाघाट

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