उज्जवला योजना का नहीं मिल रहा लाभ-

mukesh yadav

Publish: Feb, 15 2018 11:47:39 AM (IST)

Balaghat, Madhya Pradesh, India
उज्जवला योजना का नहीं मिल रहा लाभ-

चुल्हे में खाना पकाना इनकी मजबूरी, केन्द्रीय सर्वर में तिरोड़ी पंचायत का एसईसीसी डाटा नहीं

बालाघाट. केन्द्र एवं राज्य सरकार हर साल गरीबों को लाभ देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इसी क्रम में गत वर्ष 1 मई 2016 को भारत सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की। इस योजना का मकसद गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना था। ताकि सालों से चुल्हे में खाना पकाने वाली गरीब माताओं को धुएं से मुक्ति मिल सकें एवं तेजी से हो रही जंगलों की कटाई को भी आसानी से रोका जा सकें। लेकिन विखं कटंगी की मॉयल नगरी तिरोड़ी में आज भी गरीब माताएं चुल्हे में खाना पका रही है। दरअसल तिरोड़ी का आर्थिक सामाजिक जातिगत सर्वेक्षण (एसईसीसी) डाटा केन्द्रीय सर्वर से गायब है। इस वजह से यहां ग्रामीणों को इस योजना का फायदा नहीं मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उज्जवला योजना के बारे में कहा कि यह योजना नारी सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान कर रही है। लेकिन तिरोड़ी में ठीक इसके वितरीत हालात दिखाई दे रहे हैं। तिरोड़ी सरपंच आनंद बरमैया ने बताया पंचायत के एसईसीसी डाटा उपलब्ध कराने के लिए जनपद स्तर से लेकर जिला पंचायत और मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। लेकिन इसके बावजूद इस समस्या का निराकरण नहीं हो पाया। जानकारी अनुसार अधिकारिक चूंक से पंचायत का डाटा गुम हो चुका है। जिसका अब तक पता नहीं चल पाया है। जिसके चलते यहां के गरीब ग्रामीणों को उज्जवला योजना सहित अन्य केन्द्रीय योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है। इससे लोग जनपद पंचायत सहित अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन से योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। गृहणी उर्मिला नेवारे ने बताया कि उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिलने की वजह से वह चुल्हे पर खाना पकाती है।
कर दी गई खानापूर्ती
सरपंच से मिली जानकारी अनुसार उन्होंने एसईसीसी डाटा के लिए कई दफा जनपद, जिला पंचायत के अधिकारियों को शिकायत की। लेकिन यहां डाटा तलाशने की महज खानापूर्ति ही पुरी की गई। तिरोड़ी में सन् 2010-11 में आर्थिक जनगणना की गई थी। इसमें लोगों के घरों में सर्वे कर संसाधनों की जानकारी जुटाई गई थी। इसमें संबंधित के घरों में गैस चूल्हे होने की जानकारी भी ली थी। इसके तहत गांव में बिना गैस चूल्हे वाले लोगों की सूची तैयार की गई है। लेकिन डाटा नहीं होने से अब उन परिवारों को उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इनका कहना है।
तिरोड़ी पंचायत का एसईसीसी डाटा केन्द्रीय सर्वर से गायब है। इस कारण यहां के ग्रामीणों को केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हमारे द्वारा जनपद, जिला पंचायत तथा मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को इस समस्या से अवगत कराया गया है।
आंनद बरमैया, सरपंच तिरोड़ी

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