बलिया गोलीकांडः सभी आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये हुआ ईनाम, लगेगा एनएसए और गुंडा एक्ट

  • बलिया कांड के मुख्य आरोपित का ऑडियो और वीडियो वायरल
  • हत्यारोपी के पक्ष में खुलकर सामने आए भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह
  • एसडीएम व सीओ के बाद अब तीन एसआई समेत आठ पुलिसकर्मी निलंबित

बलिया. बैरिया के दुर्जनपुर में हुए गोलीकांड में योगी सरकार ने आरोपियों पर ईनाम बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया है और इनपर रासुका व एनएसए के तहत कार्रवाई की तैयारी है। अभी तक गोलीकांड का मुख्य आरोपी फरार है, लेकिन उसके दो भाई गिरफ्तार हो चुके हैं व पांच अन्य भी हिरासत में लिये गए हैं। घटना के बाद एसडीएम व सीओ बैरिया को सस्पेंड किये जाने के बाद जांच कर एसपी ने तीन एसआई व पांच पुलिस वालों को निलंबित कर दिया है। उधर सुरेन्द्र सिंह अब मुख्य आरोपी धीरेन्द्र प्रताप सिंह के बचाव में खुलकर आ गए हैं। शनिवार को वह मुख्य आरोपी पक्ष के लोगों को लेकर उनका मुकदमा दर्ज कराने थाने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि अब तक इनका मेडिकल तक नहीं कराया गया है, इनका भी एफआईआर दर्ज होना चाहिये। मुख्य आरोपी सुरेन्द्र सिंह का दाहिना हाथ बताया जाता है।

 

धीरेन्द्र प्रताप सिंह समेत सभी आरोपियों के खिलाफ अब गैंगस्टर और रासुका लगाया जाएगा और उनकी सम्पत्ति भी जब्त की जाएगी। इनके खिलाफ ईनाम राशि भी बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक देवेन्द्रनाथ सिंह ने पहले आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था, जिसे अब पुलिस उपमहानिरीक्षक सुभाष चन्द्र दुबे ने बढ़ाकर दो गुना करते हुए 50-50 हजार रुपये कर दिया है। गोलीकांड के आठ नामजद आरोपियों में से मुख्य आरोपी के दो भाई देवेन्द्र प्रताप सिंह और नरेन्द्र प्रताप सिंह को अरेस्ट व पांच अन्य को हिरासत में लिया गया है, जबकि अभी तक 6 नामजद व 20 अज्ञात फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये 12 टीमें गठित की हैं।

 

उधर फरार चल रहे मुख्य आरोपी धीरेन्द प्रताप सिंह का एक ऑडियो और एक वीडियो वायरल हुआ है। ऑडियो में वह कथित तौर पर सप्लाई इंस्पेक्टर को धमकी देता सुना जा रहा है, जबकि वायरल वीडियो में वह खुद को निर्दोष बताते हुए अधिकारियों की मिली भगत से खुद को फंसाए जाने का दावा करता दिख रहा है। खुद को पूर्व सैनिक और सैनिक संगठन का अध्यक्ष बताते हुए पूरी घटना को पूर्व नियोजित बताता दिख रहा है। उसका दावा है कि उसने अधिकारियों से अप्रिय घटना की आशंका जतायी थी, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।

 

उधर गोलीकांड के मुख्य आरोपीत पक्ष के बचाव में बैरिया के भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह खुलकर सामने आ गए। शनिवार की सुबह विधायक आरोपी के परिवार की महिलाओं और बच्चों को लेकर थाने पहुंच गए और उनकी ओर से भी एफआईआर दर्ज किये जाने की बात कही। उनका कहना था कि इनके परिवार से भी लोग घायल हुए हैं। जब पुलिस ने एफआईआर से पहले मेडिकल की बात कही तो वो मेडिकल के लिये सबको लेकर सीएचसी गए, लेकिन वहां डाॅक्टर नहीं मिला तो जिला असप्ताल के लिये निकल पड़े। उनके साथ भारी भीड़ को देखते हुए एसपी भी मौके पर पहुंचे।

 

उधर बलिया गोलीकांड में योगी सरकार ने कार्रवाई करते हुए अब तक एसडीएम व सीओ के अलावा तीन एसआई समेत आठ पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया। योगी सरकार ने एसडीएम सुरेश पाल सिंह व सीओ चन्द्रकेश सिंह को सस्पेंड कर दिया। इस मामले में आगे कार्रवाई करते हुए एसपी बलिया ने मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों की जांच करने के बाद रेवती थाने के एआई सदानंद यादव, श्रीकांत पाण्डेय व कमला नंद सिंह के अलावा पांच सिपाहियों को निलंबित कर दिया। बताते चलें कि 15 अक्टूूबर को बलिया के दुर्जनपुर में पंचायत के दौरान गोलीकांड में फायरिंग हुई तो आरोप है कि धीरेन्द्र सिंह ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग की, जिससे जय प्रकाश पाल की मौत हुई। धीरेन्द्र को पुलिस ने पकड़ भी लिया था, लेकिल वह भागने में कामयाब रहा। इससे पुलिस की काफी किरकिरी हुई। इसे यूपी सरकार और पुलिस ने काफी सख्ती से लेते हुए कार्रवाईयां की हैं।

रफतउद्दीन फरीद
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