मुंबई घूमने के लिए घर से फरार हो गये तीन दोस्त, तीन दिन बाद पुलिस को रेल लाइन पर मिले

इनकी उम्र महज पांच से आठ साल के बीच है

बलिया. सपने देखना हर किसी का हक है। पर कुछ बच्चे भी बिना खुद को जाने और समझे लंबी दूरी को तय करने घर से निकल जाते हैं पर इन सब का खामियाजा उनके परिवार के लोगों को भुगतना पड़ता है।
ऐसा ही एक मामला सामने आया बलिया जिले में जहां जहां मऊ जिले के रहने वाले तीन ऐसे दोस्तों को पुलिस ने पकड़ा है। जो टीवी में मुंबई को देखकर मुंबई जाने के लिए घर से निकल गए थे। जबकि इनकी उम्र महज पांच से आठ साल के बीच है।

बतादें कि मऊ के घोसी थाना इलाके के रहने वाले तीन दोस्त जमालपुर घोसी, मऊ में कक्षा एक के छात्र हैं। तीनों ने तीन दिन पहले घर से मुंबई जाने की योजना बना लिया। इन्हे लगा कि ट्रेन पर बैठेंगे वो हमें मुंबई पहुंचा देगी। फिर वहां जाकर ऐश-आराम की जिंदगी जिएंगे। इन बच्चों ने किया भी ऐसा ही।
तीनों घर के पास के ही रेलवे स्टेशन पर जा पहुंचे। देवरिया जा रही किसी ट्रेन पर बैठ गए। किसी ने तीनों बच्चों से बात किया तो वो समझ गया कि ये बहक सकते हैं। उसने तुर्तीपार रेलवे स्टेशन पर उतरने को कह दिया। उसके कहने पर बच्चे वहीं उतर गए। किसी तरह का रास्ता न पता होने के कारण फिर पटरी के रास्ते ही पैदल चलना शुरू किया।
पैदल चलते-चलते तीनों बच्चे बलिया जनपद के सरहद में तुर्तीपार-मुजौना गांव के पास पहुंचे। जिन्हें उभांव थाना पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। सभी ने अपना परिचय घर मऊ जनपद के घोसी बताया तो पुलिस के भी कान खड़े हो गए। पूछताछ पर साफ हुआ कि दीपक व विजय पुत्र त्रिलोकी मुसहर (दोनों सहोदर भाई) एवं नितिक पुत्र बालकिशुन तीनों एक ही स्कूल में पढ़ते है और घर से पिछले दिनों से ही फरार है।
उभांव थाने की पुलिस ने संबन्धित थाने में संपर्क कर इनके परिवार वालों को जानकारी दिया। सोमवार की देर शाम परिवार के लोग बलिया पहुंचकर इन्हे वापस घर ले गए।

Ashish Shukla Desk
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