पांच दिन में फार्मासिस्ट पति, पत्नी और जवान डॉक्टर बेटे की कोरोना से मौत, एक पल में उजड़ गया परिवार

Coronavirus in chhattisgarh: बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खप्परवाड़ा में एक ही परिवार के 3 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है। 5 दिनों में पति-पत्नी व बेटे की जान चली गई।

By: Dakshi Sahu

Published: 15 Apr 2021, 01:12 PM IST

बालोद. जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खप्परवाड़ा में एक ही परिवार के 3 लोगों की coronavirus से मौत हो गई है। 5 दिनों में पति-पत्नी व बेटे की जान चली गई। मृतकों में 60 वर्षीय पिता कौशल देशमुख जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसिदा में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 में पदस्थ थे। उनकी 56 वर्षीय पत्नी सावित्री देशमुख एवं उनके 36 वर्षीय पुत्र डॉ. सुनील देशमुख शामिल है। कोरोना से 10 अप्रैल को पति-पत्नी और 13 अप्रैल को उनके बेटे की मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत देखकर पूरा गांव में दहशत है। लोग बस यही कह पा रहे हैं कि एक पल में हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। सरपंच रेवती देवदास ने बताया कि RTPCR रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि तीनों की मौत COVID-19 से हुई। मुनादी कराई गई। बताया जाता है कि मृतक Doctor थे। कई लोगों के सम्पर्क में आए होंगे। वहीं से संक्रमित हो सकते हैं। (coronavirus death in Balod)

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अस्पतालों में नहीं है बेड
बालोद जिले में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहा है। रोजाना 200 से अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। कोरोना जान भी ले रहा है। 24 घंटे में जिले में कोरोना से 14 लोगों की मौत हुई है। जिले में कोरोना के बेकाबू व भयानक स्थिति को देखते हुए रोजाना कलेक्टर अधिकारियों के साथ बैठक ले रहे हैं। कहीं बेड नहीं मिल रहा है तो कहीं मरीज लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाने मजबूर हो रहे हैं। जिला प्रशासन लगातार व्यवस्था सुधारने में लगा है, लेकिन उनकी व्यवस्था कोरोना संक्रमण के आगे कम पड़ रही है।

लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या
बालोद जिले में फिलहाल एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 2948 हो गई है। जानकारी के मुताबिक कोरोना से 6 और मौत हुई है। अब तक कोरोना से 148 लोगों की मौत हो चुकी है। जिलेभर में विभिन्न जगहों और गांव में शिविर लगाकर बुधवार को 1766 लोगों की कोरोना जांच की गई। अभी तक 10,864 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। 1953 कोरोना संक्रमित लोग अपने घर पर इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में अप्रैल के 4 दिनों में ही कोरोना के रिकॉर्ड 3401 मरीज मिले हैं। कोरोना संक्रमण काल में यह पहली बार है, जब 14 दिनों में ही कोरोना के इतने मरीज मिले हैं।

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मरीजों को हो रही सांस लेने में दिक्कत
वर्तमान में जो कोरोना संक्रमित आ रहे हैं, उसमें से कई मरीजों को सांस लेने में तकलीफ है। जिला कोविड-19 अस्पताल में इन दिनों 81 मरीजों को ऑक्सीजन लगा है। वहीं 6 मरीज वेंटिलेटर पर है। कोरोना अस्पताल प्रबंधन की माने तो एक ही दिन में 180 ऑक्सीजन जम्बो सिलेंडर खत्म हो रही है। रोजाना रिफलिंग के लिए भेजा जा रहा है। हालांकि प्रशासन और भी जगहों पर अस्थायी अस्पताल बना रहा है। जहां संक्रमित मरीजों को रखा जाएगा। जिला कोविड अस्पताल में 100 का बेड है, लेकिन यहां भी 107 मरीज भर्ती है।

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